Lok Sabha: लोकसभा में राहुल गांधी का सरकार पर हमला, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर US ट्रेड डील तक उठाए सवाल, बीजेपी का पलटवार

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, चीन के साथ सीमा विवाद, अमेरिकी ट्रेड डील, वैश्विक अस्थिरता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत हल्के अंदाज में की. उन्होंने कहा कि कभी-कभी रिजीजू जी उनसे पूछते हैं कि वे इतने फिट कैसे हैं. इस पर उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि लड़ाई की शुरुआत ग्रिप से होती है और फिर चोक तक पहुंचती है. उन्होंने कहा कि राजनीति और बिजनेस में भी ‘ग्रिप’ होती है, लेकिन यह दिखती नहीं है. उनके मुताबिक, जो पहले मजबूत पकड़ बना लेता है, वही अंत में जीतता है.
दुनिया अस्थिरता की ओर बढ़ रही है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आर्थिक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया अब स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि पुराना अमेरिकी और डॉलर आधारित यूनिपोलर सिस्टम अब चुनौती झेल रहा है. उन्होंने कहा कि चीन, रूस और अन्य ताकतें अमेरिका की प्रभुत्व को चुनौती दे रही हैं. साथ ही ऊर्जा और वित्त (Energy and Finance) को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और एनएसए ने पहले कहा था कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है, लेकिन आज यूक्रेन, गाजा, मिडिल ईस्ट और ईरान में युद्ध या उसका खतरा दिख रहा है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत भी एक अस्थिर वैश्विक माहौल का हिस्सा है.
AI और डेटा पर चेतावनी
राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया AI के दौर में प्रवेश कर रही है और इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने दावा किया कि भारत का आईटी सेक्टर, जिसे कांग्रेस और यूपीए सरकार ने खड़ा किया, AI से चुनौती का सामना करेगा. उन्होंने कहा कि AI के लिए सबसे जरूरी चीज ‘डेटा’ है. जैसे इंजन के लिए पेट्रोल जरूरी है, वैसे ही AI के लिए डेटा जरूरी है. उनके अनुसार, भारत के 1.4 अरब लोग विशाल डेटा उत्पन्न करते हैं, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि दुनिया में दो सबसे बड़े डेटा पूल भारत और चीन के पास हैं. अगर अमेरिका अपनी सुपरपावर स्थिति बनाए रखना चाहता है, तो भारतीय डेटा उसके लिए महत्वपूर्ण है.
अमेरिका से डील पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि यदि उनकी पार्टी अमेरिका से बातचीत करती तो सबसे पहले भारतीय डेटा को प्रमुख मुद्दा बनाती. उन्होंने कहा कि भारत को बराबरी के आधार पर बातचीत करनी चाहिए और अपनी ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं माना जा सकता. राहुल गांधी ने कहा कि बजट में वैश्विक अस्थिरता और ऊर्जा-फाइनेंस के हथियारीकरण का जिक्र तो है, लेकिन उससे निपटने की ठोस रणनीति नहीं दिखाई देती.
बीजेपी का पलटवार
राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि nonsense जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. रिजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को बेचा है और प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थितियों में देश नहीं बेचेंगे. उन्होंने अडानी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में जो मामला चल रहा है, वह केवल एक कारोबारी को नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री को निशाना बनाने जैसा है. लोकसभा में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.



