Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश चुनाव में पुराना हो गया ‘बैटल ऑफ बेगम्स’, इस बार दो रहमानों के बीच सीधी टक्कर

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं. इस बार चुनावी मैदान में पारंपरिक दो बेगम की राजनीति की जगह दो रहमान की सीधी टक्कर चर्चा में है. एक ओर हैं जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष डॉ. शफीकुर रहमान और दूसरी ओर बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) के नेता तारिक रहमान. मौजूदा हालात में यही मुकाबला सबसे अहम माना जा रहा है.
जमात-ए-इस्लामी, जिसने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति आंदोलन के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किया था, लंबे समय तक विवादों और प्रतिबंधों के कारण हाशिए पर रही. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस पार्टी पर कट्टरता और हिंसा फैलाने के आरोप लगाए थे. पार्टी पर चुनावी प्रतिबंध भी लगाया गया था. साल 2022 में शफीकुर रहमान को गिरफ्तार किया गया था और करीब 15 महीने बाद उनकी रिहाई हुई. अब वही शफीकुर रहमान 2026 के चुनाव में पार्टी का चेहरा हैं. 67 वर्षीय शफीकुर रहमान पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने 1984 में जमात-ए-इस्लामी ज्वाइन की थी और 2020 में पार्टी के अध्यक्ष बने. वे कई संसदीय चुनाव हार चुके हैं, हालांकि उनकी पत्नी चुनाव जीत चुकी हैं.
विचारधारा और विवाद
जमात-ए-इस्लामी की विचारधारा को इस्लामिक अतिवाद से जोड़कर देखा जाता है. महिलाओं की आज़ादी और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी की सोच को लेकर भी आलोचना होती रही है. इस बार के चुनाव में पार्टी ने एक भी महिला उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है, जिससे बहस और तेज हो गई है. हालांकि अपने चुनावी घोषणापत्र में पार्टी ने भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्तों की बात कही है. यह बदलाव राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
एनसीपी के साथ गठबंधन
इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने स्टूडेंट मूवमेंट से निकली पार्टी NCP के साथ गठबंधन किया है. कुल 11 दल इस गठबंधन का हिस्सा हैं. हालांकि NCP के जमात के साथ हाथ मिलाने के फैसले से कुछ नेताओं ने इस्तीफा भी दिया था. सीटों के बंटवारे के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी 224 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि NCP 30 सीटों पर मैदान में है. बाकी सीटों पर गठबंधन के अन्य सहयोगी उम्मीदवार उतार रहे हैं.
BNP बनाम जमात के बीच सीधी टक्कर
तारिक रहमान की अगुवाई वाली BNP भी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच है. दोनों दलों के समर्थक बड़े पैमाने पर प्रचार में जुटे हैं.
मुख्यालय से ग्राउंड रिपोर्ट
जमात-ए-इस्लामी के मुख्यालय की गली में इस बार अलग ही माहौल है. जो पार्टी कभी प्रतिबंधों और विवादों के कारण सीमित नजर आती थी, अब उसके पोस्टर और बैनर से इलाका भरा हुआ है. कार्यकर्ता खुलकर प्रचार कर रहे हैं और जीत का दावा कर रहे हैं. स्थानीय लोगों से बातचीत में मिली-जुली राय सामने आई. कुछ लोग जमात को मजबूत विकल्प मान रहे हैं तो कुछ BNP को सत्ता में देखने की उम्मीद जता रहे हैं.
चुनावी तस्वीर
Bangladesh Election 2026 में इस बार राजनीतिक समीकरण बदले हुए हैं. एक ओर अतीत के विवादों से घिरी जमात-ए-इस्लामी खुद को मुख्यधारा में स्थापित करने की कोशिश कर रही है तो दूसरी ओर BNP सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. अब 12 फरवरी को तय होगा कि बांग्लादेश की राजनीति में “दो रहमान” की इस लड़ाई में किसे जनता का समर्थन मिलता है.



