कैसे टेस्ट होता है गेंदबाज का बॉलिंग एक्शन, उस्मान तारिक पर मचे बवाल के बीच जानिए ICC का नियम?

टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन पर बवाल मचा हुआ है. कोई इसे अवैध बता रहा है तो कोई इसके समर्थन में है. यहां तक कि इसको लेकर भारत के पूर्व क्रिकेटर्स भी दो खेमे में हैं, आकाश चोपड़ा ने जहां इस पर सवाल उठाए तो अश्विन ने इसका समर्थन किया. तो इस बीच आपके लिए जानना जरुरी है कि आईसीसी का नियम क्या कहता है? और जानिए किस तरह से आईसीसी गेंदबाज के एक्शन को जांचता है.
उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन की बात करें तो वह गेंद को रिलीज करने से पहले थोड़ा रुकते हैं और फिर गेंद करते हैं. ये बल्लेबाजों को परेशान कर रहा है. इसके साथ उनके एक्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि तारिक चकिंग करते हैं. भारत के पूर्व खिलाड़ी अश्विन ने इसको लेकर एक पोस्ट में लिखा कि वह गेंद करने से पहले रुकते हैं जो लीगल है. हालांकि उन्होंने एक्शन को लेकर कहा कि इसकी जांच करना आईसीसी का काम है. अब सवाल है कि आईसीसी कैसे जांच करता है?
बॉलिंग एक्शन के लिए क्या है आईसीसी नियम?
आईसीसी के नियमों के अनुसार जब कोई गेंदबाज गेंद को फेंकता है या थ्रो करता है तो ये अवैध होता है. अगर कोई गेंदबाज गेंद करते समय अपनी आर्म को सीधा करने और बॉल को रिलीज करने के समय अपनी कोहनी को 15 डिग्री से ज्यादा बढ़ाता है, या कहें झटका देता है तो इसे अवैध माना जाता है.
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रियल टाइम में मैच ऑफिशियल को देखकर तय करना होता है कि गेंदबाज का एक्शन वैध या अवैध है. अगर ऑफिशियल को लगता है कि खिलाड़ी अवैध एक्शन से गेंदबाजी कर रहा है तो फिर उन्हें एक रिपोर्ट दर्ज करनी होती है.
फिर गेंदबाज का एक्शन आईसीसी टेस्टिंग सेंटर में टेस्ट किया जाता है. अगर उस गेंदबाज का एक्शन वहां पर अवैध पाया जाता है तो फिर उस पर गेंदबाजी करने पर प्रतिबंध लग जाता है. इसके बाद तब तक वह गेंदबाजी नहीं कर सकता जब तक कि वह अपना एक्शन ठीक न कर ले.



