जम्मू: स्थाई नौकरी और वेतन बढ़ाने की मांग तेज, जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

जम्मू में अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार (11 फरवरी) को जल शक्ति विभाग के हजारों अस्थाई कर्मचारियों ने सचिवालय घेराव की कोशिश की. इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. जल शक्ति विभाग में पिछले कई सालों से काम कर रहे करीब 38 हजार दिहाड़ीदार कर्मचारियों अपने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपनी मांगों के समर्थन में इन कर्मचारियों ने बुधवार को सचिवालय घेराव की कोशिश की जिसे पुलिस ने विफल कर दिया.
सरकार से मांग कर रहे कर्मचारी
यह कर्मचारी सरकार से अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने की मांग कर रहे हैं. गौरतलब है कि अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग विभागों के कर्मचारी पिछले कई महीनों से सरकार से लड़ रहे है. इन कर्मचारियों को स्थाई करने और अन्य मांगों की निपटारे के लिए सरकार ने कई बार समितियां बनाई, लेकिन उन समितियों के बनने का फायदा इन कर्मचारियों को नहीं मिला.
हजारों कर्मचारियों ने किया सचिवालय की तरफ रुख
जम्मू में जल शक्ति विभाग के अस्थाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में पहले तो प्रदर्शन किया और फिर हजारों कर्मचारियों ने सचिवालय की तरफ कूच किया. क्योंकि इस समय जम्मू-कश्मीर सचिवालय में विधानसभा का सत्र चल रहा है. ऐसे में इन कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे.
इन कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सचिवालय की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर बैरिकेडिंग की थी. इसके साथ ही हर बार बैरिकेडिंग पर अतिरिक्त जवानों की तनाती की गई थी. साथ ही पुलिस ने यहां कांटेदार तार भी लगाई गई थी, ताकि यह कर्मचारी सचिवालय की तरफ ना जा सके.
पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश
इन कर्मचारियों ने जैसे ही पुलिस द्वारा लगाई गई इस बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में धक्का-मुक्की भी हुई. जम्मू-कश्मीर में 27 सरकारी विभागों में काम करने वाले 8 लाख दिहाड़ीदार, नीड बेस, कैजुअल लेबर है.
गौरतलब है कि विपक्ष लगातार उमर सरकार पर इन कर्मचारियों की नजरअंदाज करने का आरोप लगाती रही है. विपक्ष का दावा है कि उमर सरकार इन कर्मचारियों की मांगे पूरी करने में पूरी तरह से विफल रही है.



