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पीलीभीत: गेमिंग फ्रॉड के 2 सरगना गिरफ्तार, 5.56 करोड़ की ठगी का खुलासा, 16 लैपटॉप बरामद

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. थाना घुंघचाई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी वेबसाइट और गेमिंग ऐप्स के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहे थे. पकड़े गए आरोपियों के तार दुबई तक जुड़े हुए हैं, जिसकी पुष्टि उनके पास से बरामद विदेशी सिम कार्ड और दस्तावेजों से हुई है.

एएसपी विक्रम दहिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 5 दिसंबर को थाना घुंघचाई में ऑनलाइन ठगी का एक मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने विवेचना को आगे बढ़ाते हुए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली. इसी आधार पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना आशुतोष मिश्रा को दिल्ली से और उसके साथी हर्षित को भोपाल से गिरफ्तार किया है. इससे पहले भी पुलिस इसी मामले में दो अन्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है.

जीत का लालच देकर खाली करते थे खाते 

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने ठगी के तरीके (Modus Operandi) का खुलासा किया. ये शातिर अपराधी पहले लोगों को फर्जी वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन गेम खेलने के लिए आमंत्रित करते थे. शुरुआत में ये यूजर्स को गेम में जीत दिलाते थे और छोटी रकम देकर उनका भरोसा जीतते थे. जब पीड़ित लालच में आकर बड़ी रकम दांव पर लगाता या अपने बैंक खाते की डिटेल साझा करता, तो ये उनके खातों से लाखों रुपये उड़ा देते थे. अब तक की जांच में करीब 5 करोड़ 56 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है.

दुबई का सिम और हाई-टेक गैजेट्स बरामद 

पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी साजो-सामान बरामद किया है. इसमें 31 मोबाइल फोन, 16 लैपटॉप, एक सर्वर, 2 कंप्यूटर, 60 हजार नकद और कई फर्जी दस्तावेज शामिल हैं. सबसे चौंकाने वाली बरामदगी एक दुबई का सिम कार्ड और यूएई (UAE) का पहचान पत्र है, जो यह इशारा करता है कि इस रैकेट का संचालन विदेशों से भी हो रहा था. फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले की आगे की विवेचना जारी है.

AZMI DESK

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