Deoria news, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई कृमि नाशक दवा

-राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गईं कृमि नाशक दवा
देवरिया ।
जिले में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) मनाया गया। इसके तहत 1 से 19 वर्ष तक के लाभार्थियों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी व सीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने शहर के पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज में अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्राओं के साथ दवा का सेवन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। वहीं जिले के पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (पीएसपी) गठित ब्लाकों में पीएसपी सदस्यों ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, शिक्षक, आशा, आंगनबाड़ी, फाइलेरिया मरीजों ने अभियान में सभागिता निभाते हुए विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दवा के फायदे बताकर कृमि नाशक दवा का सेवन कराया। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
कृमि मुक्ति की दवा के गुणों के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी ने कहा कि पेट में कृमि संक्रमण को रोकने के लिए पेट से कीड़े निकालने की दवा खाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के करीब 17 लाख से अधिक लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। जो लाभार्थी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दवा का सेवन नहीं कर सके हैं, उन्हें 13 को माप अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी। जिले के सरकारी स्कूलों, निजी स्कूलों और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को पेट से कृमि निकालने की दवा खिलाई जानी है। सीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ आदतों का विकास करके भी कृमि संक्रमण से बचा जा सकता है। शरीर में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, थकावट व बीमारी एवं कमजोरी की दिक्कत हो जाती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक छह माह में खिलाई जाने वाली दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी क्रम में 10 फरवरी को दवा खिलाई गई है। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी कारण दवा न खाने वाले लाभार्थियों के अभिभावक, उनसे जुड़े शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन्हें 13 फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान इस दवा का सेवन अवश्य करवा दें।
इस मौके पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अजीत, डिप्टी सीएमओ डॉ आरपी यादव, डॉ अश्विनी पाण्डेय, डॉ हरेंद्र कुमार, डीएमओ सीपी मिश्रा, डीपीएम पूनम, विश्वनाथ मल्ल सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्राएं आदि मौजूद रहे।



