मेयर चुनाव का जिक्र कर उद्धव गुट पर नाना पटोले का बड़ा बयान, ‘BJP का साथ देकर हमसे…’

महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगरपालिका मेयर चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों के समर्थन से बीजेपी की जीत के बाद राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस बड़ी पार्टी होते हुए भी अपना मेयर नहीं बना सकी. अब इसे लेकर कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने उद्धव ठाकरे को घेरा है. उन्होंने कहा कि हम खुद उद्धव ठाकरे के पास नहीं गए थे. सोनिया गांधी के पास उद्धव ठाकरे और शरद पवार गए थे, जिसके बाद महाविकास अघाड़ी का गठन हुआ. यह अलायंस बीजेपी को रोकने के लिए बनाया गया था.
उन्होंने कहा, ”आज जिस तरह से चंद्रपुर में बीजेपी का साथ देकर उन्होंने हमसे दूरी बनाई है, हमें उसके लिए तकलीफ नहीं है लेकिन जो चंद्रपुर महानगरपालिका में हुआ, वो अच्छा नहीं हुआ. बीजेपी जैसी किसान विरोधी पार्टी, महंगाई बढ़ाने वाली और महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली पार्टी को साथ देने का काम अगर शिवसेना (यूबीटी) करती है तो मुझे लगता है कि उनका ये निर्णय सही नहीं था.”
Mumbai, Maharashtra: Congress leader Nana Patole says, “We did not go to Uddhav Thackeray ourselves. Uddhav Thackeray and Sharad Pawar had gone to our party leader Sonia Gandhi, after which the Maha Vikas Aghadi was formed. This alliance was created to stop the BJP…” pic.twitter.com/aJSzxQYl2F
— IANS (@ians_india) February 10, 2026
चंद्रपुर में बीजेपी पार्षद संगीता खांडेकर चुनी गईं मेयर
चंद्रपुर महानगरपालिका मेयर चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों का समर्थन हासिल करके कांग्रेस को झटका दे दिया. जबकि कांग्रेस मेयर बनाने की बेहतर स्थिति में दिख रही थी. बीजेपी की पार्षद संगीता खांडेकर मेयर चुनी गईं हैं. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) पार्षद प्रशांत दानव उप मेयर चुने गए हैं. चंद्रपुर मेयर चुनाव में बीजेपी को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट हासिल हुए.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) एमवीए और इंडिया ब्लॉक की सहयोगी पार्टी है. चंद्रपुर में उद्धव गुट को 6 सीटों पर जीत मिली थीं. मेयर चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) से कांग्रेस को समर्थन मिलने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
चंद्रपुर महानगरपालिका में किसे कितनी सीटें मिली?
चंद्रपुर महानगरपालिका में कुल 66 सीटें हैं. कांग्रेस को सबसे अधिक 27 सीटों पर जीत मिली थी. जबकि बीजेपी को 23 सीटों पर जीत मिली थी. भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को तीन, वीबीए को 2 और एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली थी. वहीं दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई थी.



