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शराब पर भी रहेगी चुनाव आयोग की नजर

चुनाव आयोग दो साल का तुलनात्मक डाटा मांगता है। जिसमें 45 फीसदी से ज्यादा शराब बिक्री होने पर उसका संतोषजनक जवाब देना होगा। ऐसे में सभी शराब दुकानदारों को इसके लिए पहले ही सचेत कर दिया गया है। शराब की बिक्री मानकों के अधीन ही करनी होगी।
चुनाव में शराब बांटने की शिकायतें खूब होती हैं, ऐसे में आयोग चुनाव के दौरान इसकी बिक्री पर पूरी निगरानी रखेगा। शराब की दुकानों से हुई बिक्री को पिछले साल व अन्य वर्षों में अप्रैल व मई माह में हुई बिक्री के अनुपात में देखा जाएगा। इस तरह शराब की दुकानों को बिक्री का पूरा हिसाब देना होगा।
लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि शराब की सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। दुकान पर होने वाली सभी गतिविधियों को 24 घंटे की निगरानी में रखी जाएगी। चुनाव आयोग दो साल का तुलनात्मक डाटा मांगता है। जिसमें 45 फीसदी से ज्यादा शराब बिक्री होने पर उसका संतोषजनक जवाब देना होगा।
ऐसे में सभी शराब दुकानदारों को इसके लिए पहले ही सचेत कर दिया गया है। शराब की बिक्री मानकों के अधीन ही करनी होगी। चुनाव के दौरान सभी को सतर्क होकर कार्य करना होगा।
शराब की 543 व भांग की 21 दुकानें
जिले में शराब की 543 दुकानें हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सबसे अधिक देशी शराब की 303, अंग्रेजी शराब की 135, बियर की 103, दो मॉडल शॉप व 21 भांग की दुकानें हैं। सभी को नियमों के अधीन ही बिक्री के लिए कहा गया है।
AZMI DESK

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