पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने किया DGP,IG समेत कई अधिकारियों का ट्रांसफर, भड़की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जानें क्या कहा?

बंगाल में चुनावी बिगुल बज चुका है. रविवार को हुई चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तारीखों के ऐलान के बाद से सियासी बयानबाजी जारी है. ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि निर्वाचन आयोग की तरफ से मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाना बंगाल के कुशल अधिकारियों के प्रति गंभीर असम्मान को दर्शाता है.
क्या बोली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी?
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार से परामर्श किए बिना महिला मुख्य सचिव का तबादला करना महिला विरोधी कदम है. दरअसल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और चीफ सेक्रेटरी के बाद अब पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का भी केंद्रीय चुनाव आयोग ने तबादला किया था. इसके अलावा राज्य के डीजीपी, आईजी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर का भी तबादला किया गया है. इनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पश्चिम बंगाल में चुनावों को हिंसामुक्त एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किया जाएगा. इसी के चलते निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सीनियर पुलिस अधिकारियों सहित डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त का ट्रांसफर किया है.
पश्चिम बंगाल में इस बार दो फेज में होंगे चुनाव
पश्चिम बंगाल समेत आगामी पांच राज्यों की चुनाव तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने रविवार को कर दिया है. बंगाल में 8 फेज के बजाए 2 फेज में चुनाव होंगे. पहले फेज का नोटिफिकेशन 30 मार्च को जारी किया जाएगा. इसके लिए 6 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. 9 अप्रैल को नामांकन वापस लिए जाने की अनुमति होगी. पहले फेज के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग होगी.
वहीं दूसरे फेज के लिए 2 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. 9 अप्रैल तक नॉमिनेशन फाइल किया जाएगा. दूसरे फेज के लिए नामांकन वापसी 13 अप्रैल तक की जा सकती है. इसके अलावा 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग होगी. वहीं 4 मई 2026 को चुनावी मतगणना होगी, इसके साथ ही 6 मई 2026 को राज्यों में चुनाव संपन्न हो जाएंगे. राज्य में 294 विधानसभा सीटों पर मतदान किया जाएगा. चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही अब राज्य में आचार संहिता लागू कर दी गई है.



