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महाराष्ट्र बजट सत्र से पहले विपक्ष का बड़ा कदम, CM फडणवीस का आमंत्रण ठुकराते हुए दिया बड़ा बयान

महाराष्ट्र बजट सत्र की पूर्व संध्या पर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने सत्ताधारी बीजेपी पर जोरदार हमला बोलते हुए टी पार्टी का बहिष्कार किया. विपक्षी नेताओं ने कहा कि जहां मान-सम्मान नहीं, जहां सभ्यता नहीं, जहां लोकतंत्र और संविधान का सम्मान नहीं, ऐसी जगह पर वे चाय पर नहीं जाएंगे. एमवीए की ओर से ठाकरे गुट के भास्कर जाधव और विधायक आदित्य ठाकरे, कांग्रेस के सतेज पाटील और विजय वडेट्टीवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. 

हालांकि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गुट) का कोई नेता इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नहीं था, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई. नेताओं ने सवाल किया कि जब सरकार को भारी बहुमत मिला है तो फिर बीजेपी को विपक्ष के नेता से इतनी डर क्यों है?

सरकार की भूमिका संदिग्ध- भास्कर जाधव

उद्धव गुट के नेता भास्कर जाधव ने कहा, ”अजित पवार के दुर्घटना को लेकर पूरे महाराष्ट्र में शंका का माहौल है, लेकिन सरकार की भूमिका स्पष्ट नहीं है. उन्होंने डिजिटल मीटर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि राज्य में जबरन डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं. उन्होंने राज्य में बढ़ते ड्रग्स कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा कि “महाराष्ट्र कहीं ‘उड़ता पंजाब’ न बन जाए” जैसी स्थिति पैदा हो रही है.

किसानों की लूट का आरोप

विजय वडेट्टीवार ने कहा, ”राज्य में किसानों की लूट हो रही है. सोयाबीन को 4 हजार रुपये से अधिक दाम नहीं मिला और मक्का 1500–1600 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा में नहीं खरीदा गया. कर्ज के बोझ से एक किसान को किडनी बेचने तक की नौबत आ गई.” उन्होंने कहा कि राज्य पर 9 लाख 32 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और ‘लाडकी बहन’ योजना के नाम पर दिखावा किया जा रहा है.

भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप

एमवीए नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में 20–25 प्रतिशत तक कमीशनखोरी चल रही है. टेंडर की कीमतें बढ़ाकर खास लोगों को काम दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि “क्या तुम 15 प्रतिशत दोगे? चलो 22 प्रतिशत फाइनल, तुम्हें काम मिल गया” जैसी स्थिति बन चुकी है. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में 1 लाख 57 हजार महिलाएं और लड़कियां लापता हैं और सरकार इस पर मौन है.

आदित्य ठाकरे ने मेट्रो हादसे का किया जिक्र

आदित्य ठाकरे ने मुलुंड में मेट्रो कार्य के दौरान हुए हादसे का जिक्र करते हुए कहा, ”दो लोगों की मौत हो गई और मुआवजे के रूप में केवल 5 लाख रुपये दिए गए.” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य में एक व्यक्ति के जीवन की कीमत सिर्फ इतनी ही रह गई है?

बेरोजगारी और परियोजनाओं पर सवाल

सतेज पाटील ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के अनुसार 70 लाख युवक-युवतियों ने खुद को बेरोजगार के रूप में पंजीकृत किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 86 हजार करोड़ रुपये का महामार्ग प्रोजेक्ट अब 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.उन्होंने मंत्रालय में एसीबी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह राष्ट्रवादी कांग्रेस को घेरने की कोशिश है? महाविकास आघाड़ी ने साफ किया कि वह विधानसभा सत्र में इन सभी मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएगी.

AZMI DESK

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