Azamgarh News: 77 केन्द्रों पर लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 2931 मरीजों ने लिया स्वास्थ्य लाभ — सीएमओ


आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय
आजमगढ़ जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के तहत रविवार को सभी 77 स्वास्थ्य केन्द्रों पर व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि मेले में कुल 2931 मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवा उपलब्ध कराई गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वर्मा ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के अवसर पर मनचोभा, कुंदीगण, दलसिंगार एवं मड़या नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मेले में 1030 पुरुष, 1599 महिलाएं एवं 302 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। मेले के सफल संचालन के लिए 107 चिकित्सक एवं 313 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने विभिन्न रोगों की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया।
मेले के दौरान 360 मधुमेह, 166 उच्च रक्तचाप, 338 गैस्ट्रो, 293 श्वसन, 325 त्वचा रोग, 70 यकृत, 26 क्षय रोग तथा 57 एनीमिया के मरीजों का उपचार शुरू किया गया। साथ ही 208 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई और 142 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं पोषण संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त कोविड-19 हेल्प डेस्क पर 345 मरीजों की जांच की गई तथा 51 गोल्डन कार्ड बनाए गए। गंभीर स्थिति वाले 25 मरीजों को मेडिकल, सामान्य शल्य, नेत्र, स्त्री एवं प्रसूति, ईएनटी सहित विभिन्न विभागों में उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने साफ-सफाई, ओपीडी व्यवस्था, दवा उपलब्धता, जांच सुविधाओं एवं उपकरणों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं तथा आयुष्मान भारत सहित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो



