संभल की तमन्ना मलिक और अमन त्यागी की प्रेम कहानी, ससुराल में प्यार से बुलाते हैं ‘तुलसी’

उत्तर प्रदेश के जनपद संभल जिले से सामने आई तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी की कहानी आज देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद दोनों ने प्रेम विवाह कर यह साबित किया कि आपसी सहमति भरोसा और सम्मान के आगे सामाजिक बंदिशें टिक नहीं पातीं.
तमन्ना मलिक ने बातचीत में बताया कि उनका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ लेकिन उन्होंने बालिग होने के बाद अपनी मर्जी से अमन त्यागी से शादी का फैसला किया. दोनों एक ही गांव के निवासी हैं और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई. तमन्ना के मुताबिक यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ सब कुछ संभलता चला गया.
‘सरकार और प्रशासन का मिला सहयोग’
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस दौरान उत्तर प्रदेश की सरकार, पुलिस-प्रशासन और खासतौर पर योगी आदित्यनाथ की सरकार से उन्हें सुरक्षा और सहयोग मिला. शादी के बाद तमन्ना को समाज के एक वर्ग की ओर से विरोध और फतवों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने इन बातों को नजर अंदाज करते हुए अपने परिवार और बच्चों की खुशहाली को प्राथमिकता दी.
तमन्ना को ससुराल में प्यार बुलाते हैं ‘तुलसी’
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना नाम नहीं बदला है बल्कि ससुराल में प्यार से उन्हें ‘तुलसी’ कहा जाता है. उनके दो बेटे आर्यन और यक्ष हैं. कांवड़ यात्रा को लेकर उठे सवालों पर तमन्ना ने कहा कि बच्चों के जन्म और जिम्मेदारियों के कारण वह पहले यात्रा में शामिल नहीं हो सकीं. अब परिवार पूरा होने के बाद उन्होंने श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा की.
किसी तरह का धार्मिक दबाव नहीं- अमन त्यागी
तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने भी स्पष्ट किया कि उनके घर में किसी तरह का धार्मिक दबाव नहीं है. तमन्ना को हर त्योहार और आस्था को मानने की पूरी आजादी है. अमन त्यागी का कहना है कि समाज को उनकी कहानी से यह सीख लेनी चाहिए कि अगर दो बालिग अपनी मर्जी से बिना किसी धोखे के शादी करना चाहते हैं तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
देशभर से मिला अनोखी लव स्टोरी को समर्थन
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें देशभर से समर्थन मिला, खासकर हरिद्वार से लेकर अपने गांव तक लोगों ने उन्हें प्यार और हौसला दिया. यह कहानी सिर्फ एक प्रेम विवाह की नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, संवैधानिक अधिकार और सामाजिक सौहार्द का संदेश देती है कि प्यार और इंसानियत हर दीवार से ऊपर है.



