‘मैं राहुलवादी नहीं…’, मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा, थरूर-पवन खेड़ा को लेकर क्या कहा?

कांग्रेस पार्टी के अंदर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है. विवादों में रहने वाले पार्टी के सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी पर बयान दिया है, साथ ही अपनी ही पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कांग्रेस मीडिया सेल प्रमुख पवन खेड़ा और शशि थरूर को भी निशाने पर लिया है. इससे पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी की कलाई एक बार फिर खुल गई है. इससे आगामी चुनाव में कांग्रेस के लिए मुसीबतें बढ़ सकती हैं.
मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा?
केरल के तिरुवनंतपुरम में मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘डॉ. अंबेडकर की बायोग्राफी है-ए पार्ट अपार्ट. तो, मैं बस यही कह सकता हूं. राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं पार्टी का मेंबर हूं. इसलिए मैं गांधीवादी हूं, मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं.’
इसके अलावा अय्यर ने कहा कि अगर INDIA ब्लॉक मजबूत किया जाता है, तो मुझे लगता है कि इसे मजबूत करने के लिए सबसे सही आदमी एमके स्टालिन हैं. जब कामराज से जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत का PM बनने के लिए कहा गया, तो उन्होंने एक ही लाइन में कहा, ‘नो इंग्लिश, नो हिंदी. कैसे?’ तो, MK स्टालिन भी उसी हालत में हैं. राहुल गांधी भारत के PM बन सकते हैं, बशर्ते कोई ऐसा हो जो अपना सारा समय इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने में लगाए.
उन्होंने कहा, ‘एक आदमी जो नारे नहीं, बल्कि मुद्दे उठाता रहा है, उसने कभी ‘सूट बूट सरकार’, ‘चौकीदार चोर है’, ‘वोट चोर गड्डी छोड़’ नहीं कहा. स्टालिन ने पिछले साल जो किया है, वह भारत में फेडरलिज्म से जुड़े हर एक पॉइंट को उठाना है. इसलिए, मेरा मानना है कि वह INDIA ब्लॉक के चेयरमैन बनने के लिए सबसे सही आदमी हैं और उनमें यह बड़ी खूबी है कि वह राहुल गांधी के PM बनने के रास्ते में नहीं आएंगे.’
मणिशंकर अय्यर ने कहा क्या आप सोच सकते हैं कि उस पार्टी की क्या हालत होगी जो केसी वेणुगोपाल जैसे राउडी को सरदार पटेल और राहुल गांधी के लेवल तक ले जाती है? जवाब के तौर पर मुझे बस इतना ही कहना है.
पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी साधा निशाना
इसके अलावा अय्यर ने पवन खेड़ा को भी निशाने पर लेते हुए तीखा प्रहार किया. उन्होंने खेड़ा को कठपुतली बताया है. अय्यर ने कहा कि पवन खेड़ा वही बोलते हैं, जो उन्हें बोलने के लिए कहा जाता है. उनका अपना कोई मौलिक विचार नहीं होता. मीडिया सेल के प्रमुख होने के नाते वह केवल रटी रट्टाई स्क्रिप्ट पढ़ते हैं.
अय्यर ने शशि थरूर को भी निशाने पर लिया और कहा कि शशि थरूर बाहरी और महत्वाकांक्षी हैं. उन्होंने कहा कि जब थरूर पार्टी में आए तो वह जल्द बड़े पद हासिल करना चाहते थे. थरूर जैसे नेताओं की विचारधारा कांग्रेस की मूल विचारधारा से मेल नहीं खाती है.
पवन खेड़ा ने किया पलटवार
इधर अय्यर के बयानों पर पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि हम मणिशंकर अय्यर की वरिष्ठता का सम्मान करते हैं, लेकिन कभी-कभी वरिष्ठता और ठिठुरते बुढ़ापे के बीच की रेखा मिट जाती है. साथ ही पवन खेड़ा ने कहा कि उनके बयानों से अक्सर पार्टी को नुकसान होता है. विपक्ष को मुद्दा मिल जाता है. पार्टी उन्हें सिर्फ पुराने योगदान के लिए बर्दाश्त कर रही है.



