पीलीभीत: रेलवे में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार, गुजरात तक जुड़े थे तार

रेलवे में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पीलीभीत पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया शातिर ठग शिवशंकर मिश्रा अब तक 60 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है. इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में पुलिस पहले ही उसके 6 साथियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है.
सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर बिछाया जाल
पुलिस की गिरफ्त में आया मास्टरमाइंड शिवशंकर मिश्रा मूल रूप से गजराज का रहने वाला है. उसका नेटवर्क पीलीभीत, बरेली और लखनऊ समेत कई जिलों में फैला हुआ था. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वह अपनी काली कमाई के लिए सरकारी विभागों में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का इस्तेमाल करता था. पीलीभीत के डूडा विभाग में तैनात रह चुके बाबू मोहसिन और विकास भवन के डीपीओ विभाग के कर्मचारी कमलेश ने स्थानीय स्तर पर बिचौलिये की भूमिका निभाई. ये लोग बेरोजगार युवाओं को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे.
गुजरात तक जुड़े थे तार
ठगी का यह खेल बेहद शातिर तरीके से चल रहा था. स्थानीय एजेंटों द्वारा वसूले गए पैसे शिवशंकर की पत्नी रेखा मिश्रा और बेटे अजय मिश्रा के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते थे, जो गुजरात में बैठे थे. आरोपी अपनी बेटी को आगे करके भी लोगों को विश्वास में लेता था. हद तो तब हो जाती थी जब कोई पीड़ित अपने पैसे वापस मांगता था, तो आरोपी उन पर दबाव बनाता था कि वे नए लोगों को फंसाकर लाएं, तभी उनके पैसे वापस मिलेंगे.
ASP ने किया खुलासा
एएसपी नताशा गोयल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 16 सितंबर को थाना अमरिया क्षेत्र में नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी. विवेचना के दौरान इस बड़े गैंग का खुलासा हुआ. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कमलेश, मोहसिन, रामा यादव और रेखा मिश्रा समेत 6 आरोपियों को पहले ही जेल भेज दिया था. अब मुख्य आरोपी शिवशंकर को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.



