Ranji Trophy Semi Final: उत्तराखंड से छिनी रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल की मेजबानी, सामने आई ये बड़ी वजह

उत्तराखंड की क्रिकेट टीम रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहली बार पहुंची थी. इस बीच टीम के पास राज्य के क्रिकेट को राष्ट्रीय मंच पर साबित करने का सुनहरा अवसर भी था. लेकिन, बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर ने देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी का सेमीफाइनल कराने से इनकार कर दिया.
दरअसल, बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर राकेश कुमार ने जब देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का मुआयना किया, तो जो नजारा सामने आया वो शर्मनाक था. पिच की हालत इतनी खराब मिली कि मैच यहां करवाना ही असंभव हो गया. जिसका नतीजा यह हुआ कि सेमीफाइनल की मेजबानी उत्तराखंड के हाथ से निकलकर उत्तर प्रदेश के हाथ में चली गई. ऐसी संभावना है कि रणजी ट्रॉफी का सेमीफाइनल अब लखनऊ के इकाना स्टेडियम या कानपुर के ग्रीन पार्क में खेला जाएगा.
‘खिलाड़ियों के लिए खतरनाक थी पिच’
बीसीसीआई के क्यूरेट राकेश कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिच की सतह इतनी असमान हो चुकी है कि खिलाड़ियों के लिए खतरनाक हो सकती है. एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम इस हालत में पहुंच गया कि उच्च स्तरीय मैच करवाना तो दूर, साधारण मुकाबले भी मुश्किल हो गए. इस वजह से बीसीसीआई के पास कोई विकल्प नहीं बचा. सौराष्ट्र, कर्नाटक और बैंगलोर भी इस मैच की मेजबानी के लिए होड़ में थे, लेकिन आखिर में यह मौका उत्तर प्रदेश के पाले में चला गया.
कर्नाटक के साथ होना है सेमीफाइनल
उत्तराखंड का अगला यानी सेमीफाइनल मैच कर्नाटक के साथ होना है. यदि देहरादून में ये मुकाबला होता तो नजारा कुछ अलग ही होता, स्टेडियम दर्शकों की भीड़ से खचा-खच भरा होता. शहर में चहल-पहल होती और उत्तराखंड की क्रिकेट में एक अलग पहचान बनती, लेकिन पिच क्यूरेटर की रिपोर्ट के बाद यह सभी सपने धरे के धरे रह गए.
सरकारी दावे और जमीनी हकीकत
राज्य सरकार कई बार कह चुकी है कि राजीव गांधी स्टेडियम विश्वस्तरीय बनाया जाएगा. सरकार के लिए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता है, हालांकि हकीकत कुछ और ही बयां करती है. स्टेडियम अब बस कॉर्पोरेट लीग के मैचों, फंक्शन-शादियों और कभी-कभार संगीत कार्यक्रमों का अड्डा बनकर रह गया है. ऐसे में स्टेडियम के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.



