ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा – दो लाख में हुआ समझौता
यश्लोक अस्पताल में पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, दो लाख में सुलझा विवाद; अवैध अस्पतालों पर उठे सवाल।

आज़मगढ़- जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत से हड़कंप मच गया। मृतका माधुरी विश्वकर्मा (उम्र 41 वर्ष), पत्नी संदीप विश्वकर्मा का इलाज फूलपुर के यश्लोक अस्पताल व नर्सिंग होम में चल रहा था। शनिवार शाम पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और रविवार तड़के करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि मरीज का ऑपरेशन बिना पूरी जांच के कर दिया गया और इलाज अनुभवहीन स्टाफ के भरोसे छोड़ा गया।
दो लाख में कराया समझौता
घटना की सूचना पर फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय दबंगों की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन से दो लाख रुपये में समझौता करा दिया गया। इससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध अस्पताल
स्थानीय लोगों ने बताया कि फूलपुर तहसील मुख्यालय के आसपास दर्जनों निजी अस्पतालों में ऐसे ही हालात हैं। कई सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टर निजी नर्सिंग होम में अतिरिक्त फीस लेकर ऑपरेशन करते हैं। अनुभवहीन डॉक्टरों और कंपाउंडरों पर इलाज छोड़ देने से आए दिन मरीजों की जान पर बन आती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं।
भाजपा पदाधिकारी ने उठाई आवाज
इस मामले पर भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्र ने कहा –
“मैंने प्रमुख सचिव से बात की है। सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी घटना को पैसों के दम पर दबाया नहीं जा सकता। पूरे जिले में अवैध अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं, इसमें स्वास्थ्य महकमे की मिलीभगत भी साफ दिख रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”



