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गंगा में इफ्तार पर हुई कार्रवाई तो भड़के ओवैसी, कहा- ‘एकमात्र अपराध यह है…’

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी में नाव पर राजा खोलने के मामले में गिरफ्तार हुए 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की जमकर निंदा की है. उन्होंने प्रशासन पर हमला करते हुए कई अहम सवाल दागे. साथ ही पूछा कि इससे धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हुईं. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई उनके मुस्लिम होने को लेकर हुई है. 

ओवैसी ने एक भाषण में कहा, ‘बनारस में 14 मुस्लिम बच्चे एक कश्ती को लेकर उसपर रोजा खोलते हैं, उन पर फौरन केस कर दिया गया. कल अगर मैं हुसैन सागर लेक में कश्ती लेता हूं, लाइव जैकेट लिए, रोजा खोल रहे, चिकन की बिरयानी खा लिए. खाने के बाद पुलिस आती है और बोलती है कि नहीं नहीं आपने कानून का उल्लंघन किया. आपने इफ्तार पार्टी खाई, बिरयानी खाई तो बीएनएस 298,299,196,270,223 लगा दी जाएगी.’

किसके मजहबी आस्था को ठेस पहुंच रही?- ओवैसी

ओवैसी ने पूछा, ‘अरे किसके मजहबी जज्बात मजरुह (आस्था) हो रहे हैं, अगर में बिरयानी खाया तो. किसी के भी नहीं हो रहे न? पूरी गंगा में गंदा सीवेज आकर गिरता है. तब तुम्हें तकलीफ नहीं हो रही. मेरे बच्चे बिचारे लाइफ जैकेट पहने हुए हैं. नौजवान हैं, बोले कश्ती में जाएंगे. रोजा खोलेंगे. आप उनपर केस बुक कर दिए. जेल में हैं बच्चे.’

ओवैसी ने कहा, ‘अरे उनका जुर्म सिर्फ इतना है कि वो मुस्लिम हैं. जो बड़े बड़े सीवरेज आकर गिर रहे, उसपर किसी को फिक्र नहीं है. जो बड़े बड़े कश्ती चलती है, जो लोग नित्य क्रिया करते हैं, उसकी फिक्र नहीं है. बताओ सिर्फ मुसलमान हैं, जेल में उनको डाल दिया. ये इंसाफ है तुम्हारा, बीजेपी वालों बताओ. और तुम पसमंदा मुस्लमानों की बात करते हो, उसमें सारे बच्चे सैफी हैं. पसमांदा मुसलमान हैं. उत्तर प्रदेश के हैं, जिनके साथ नाइंसाफी की गई है.’ 

रमजान के पूरे महीने शराब की दुकानें क्यों बंद नहीं की: ओवैसी

हैदराबाद सांसद ने एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों के वीडियो में किसी ने कहा कि आलमगीर मस्जिद है तो पूछे उनसे कि कैसे मस्जिद का नाम लिए. अरे बाबा उस मस्जिद का नाम आलमगीर मस्जिद है. तुम्हारे अब्बा के अब्बा के दादा पैदा होने से पहले की वो आलमगीर मस्जिद है. वो कयामत के वक्त रहेगी. मगर आप बोले कि कैसे बोला उसने वीडियो में. मेरे अजीज दोस्तों और मित्रों हर चीज में मजहबी जज्बात मजरुह हो रहे. हमारा त्यौहार आ रहा, गोश की दुकान बंद है, अंडे की दुकान बंद है न. लाओ पैसे भी दो न हमको. 

ओवैसी ने कहा कि खुरैश बिरादरी का काम गोश का कारोबार करना. आपका मजहबी मसला है, मेरे रमजान का महीना था, पूरे शराब की दुकान बंद क्यों नहीं थी बताओ? बंद करना था शराब की दुकान को. नहीं मगर शराब की दुकानें खुली रहेंगी, मैं रोजा नहीं खोल सकता. मेरे मजहबी जज्बात मजरूह नहीं होंगे? बंद करो न फिर. मेरा घर, मैं कहूंगा होटल बंद है, बंद करेंगे आप? एक जमाना था हैदराबाद में होटलों में चाहे हिंदू की हो या मुस्लमान की, आधा पर्दा लगा होता था. मगर जमाने के हालात के लिहाज से वो भी खत्म हो गया.

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AZMI DESK

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