Azamgarh news :भूमि बैनामा के नाम पर 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार


आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
थाना रानी की सराय पर पीड़ित ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया कि अभियुक्तगण द्वारा ग्राम अनौरा स्थित गाटा संख्या-71 की भूमि के संबंध में धोखाधड़ी की गई। भूमि बैनामा कराने के नाम पर वादी एवं उनके परिवारजनों से कुल ₹34,00,000/- बैंक खातों में स्थानांतरित कराए गए।
आरोप है कि अभियुक्तों ने दूसरी भूमि बैनामा करने का आश्वासन दिया, परंतु बाद में टालमटोल करते रहे। धनराशि वापस मांगने पर ₹28,90,000/- वापस किया गया, जबकि शेष ₹5,10,000/- एवं स्टाम्प/रजिस्ट्री मद में ₹1,40,000/- (कुल ₹6,50,000/-) वापस नहीं किया गया।
प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण व थानाध्यक्ष रानी की सराय के नेतृत्व में उ0नि0 सुशील कुमार मय हमराही द्वारा वांछित अभियुक्त की तलाश की जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर दिनांक 23.02.2026 को समय करीब 12:35 बजे ग्राम अन्धौरी मार्ग स्थित बढ़या चट्टी से अभियुक्त रामवृक्ष पटेल पुत्र दूधनाथ को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही कर मा0 न्यायालय भेजा जा रहा है।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
अभियुक्त द्वारा भूमि क्रय-विक्रय के नाम पर वादी को विश्वास में लिया गया। पहले से विवादित/अपूर्ण अभिलेखों वाली भूमि को वैध बताकर बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसके पश्चात वादी एवं उनके परिजनों से चरणबद्ध तरीके से बैंक खातों में बड़ी धनराशि ट्रांसफर कराई गई।
धन प्राप्त करने के बाद अभियुक्तों ने भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की तथा दूसरी भूमि देने का झूठा आश्वासन देकर समय व्यतीत करते रहे। जब वादी द्वारा धन वापसी की मांग की गई तो आंशिक धनराशि लौटाकर शेष धनराशि हड़प ली गई। इस प्रकार छल, कपट एवं विश्वासघात कर आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
अभियुक्त के आपराधिक इतिहास के संबंध में अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच प्रचलित है।



