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सिरोही: बकरी चराने गए दो भाइयों पर तेंदुआ ने किया हमला, एक ही हालत गंभीर

पाली जिले के बाली उपखंड क्षेत्र के उपला भीमाना गांव स्थित सरजू की वाड़ी में सोमवार (23 फरवरी) को तेंदुआ के हमले से दो मासूम भाई घायल हो गए. दोनों बच्चे बकरी चराने जंगल गए थे, तभी अचानक सामने से आए तेंदुआ ने उन पर हमला कर दिया. जानकारी के अनुसार, हमले में 12 वर्षीय प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया. जबकि 9 वर्षीय छोटा भाई श्रवण सदमे में है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है.

दो भाइयों पर तेंदुआ ने अचानक किया हमला

परिजनों के अनुसार चुना राम के पोते प्रकाश (12) और श्रवण (9) रोज की तरह बकरियां चराने जंगल की ओर गए थे. दोपहर के समय अचानक झाड़ियों के बीच से एक तेंदुआ निकलकर सीधे बच्चों की ओर झपटा. प्रकाश पर हमला होते ही उसका पैर लड़खड़ा गया और वह जमीन पर गिर पड़ा. बताया जा रहा है कि तेंदुआ ने उसके सिर पर हल्का पंजा मारा और आगे बढ़ गया. छोटा भाई श्रवण यह सब देखकर घबरा गया. वह भागने की कोशिश में वहीं गिर पड़ा और सदमे में आ गया. दोनों भाइयों की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की आहट से तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया.

घायल दोनों बच्चों का अस्पताल में चल रहा इलाज

ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को गांव लाकर वाहन की मदद से सिरोही जिले के पिंडवाड़ा अस्पताल पहुंचाया. पिंडवाड़ा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने प्रकाश की हालत गंभीर देखते हुए उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. श्रवण का भी उपचार जारी है, वह फिलहाल गहरे सदमे में बताया जा रहा है. ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने दोनों बच्चों का उपचार शुरू किया. तेंदुआ हमले की सूचना मिलते ही प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र महात्मा भी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली.

ग्रामीणों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग से की मांग

घटना के बाद उपला भीमाना गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगल के आसपास तेंदुआ की आवाजाही बढ़ गई है. लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाकर तेंदुआ को पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो. ग्रामीणों ने बताया कि जंगल से सटे इलाकों में बच्चों और महिलाओं का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि चिंता का विषय बन गई है.

घटना के बाद अलर्ट हुआ प्रशासन

घटना की सूचना प्रशासन और वन विभाग को दे दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल दोनों बच्चों का इलाज जारी है और प्रकाश की स्थिति पर चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं. तेंदुआ के इस हमले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है. ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को अकेले जंगल में न भेजने की अपील की गई है.

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AZMI DESK

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