प्रशांत किशोर ने बिहार के वोटर्स को दी बड़ी सलाह, बोले- ‘आगे से इन चीजों से ऊपर उठकर दें वोट’

प्रशांत किशोर बिहार नवनिर्माण यात्रा के तहत मधुबनी जिले के झंझारपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जन सुराज से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बैठक कर संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर बात की. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि जन सुराज की विचारधारा से जुड़े लोगों को एकजुट कर मजबूत संगठन खड़ा किया जा रहा है ताकि बिहार की राजनीति में एक नया विकल्प तैयार किया जा सके.
प्रशांत किशोर ने चुनावी राजनीति और हालिया चुनाव परिणामों को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि आज के हालात में सही तरीके से, ईमानदारी से और बिना समझौते के चुनाव लड़कर जीत हासिल करना बहुत कठिन हो गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी टीम ने न तो किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन का सहारा लिया और न ही जाति और धर्म की राजनीति की क्योंकि जन सुराज की सोच इन सबसे ऊपर है.
बिहार में एक या दो साल की नहीं है बदलाव की लड़ाई- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में बदलाव की लड़ाई कोई एक-दो साल की नहीं, बल्कि यह एक लंबी लड़ाई है. जिसमें 5 से 10 साल तक का समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि समाज में सोच बदलने, लोगों को जागरूक करने और राजनीति की दिशा बदलने में समय लगता है. लेकिन यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
बिहार को आगे बढ़ाने के लिए साफ नीयत की है जरूरत- प्रशांत
झंझारपुर में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने युवाओं, महिलाओं और आम लोगों से जन सुराज से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए नई सोच, नई राजनीति और साफ नीयत की जरूरत है. जन सुराज का उद्देश्य सिर्फ सत्ता पाना नहीं, बल्कि एक बेहतर, ईमानदार और जवाबदेह व्यवस्था बनाना है.
जनता जाति-धर्म से ऊपर उठकर करें वोट- प्रशांत
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि भले ही चुनावी जीत तुरंत न मिले, लेकिन विचारधारा की जीत सबसे बड़ी जीत होती है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बिहार की जनता जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर वोट करेगी. जन सुराज की यह यात्रा बिहार की राजनीति में एक नई बहस और नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है. जहां बदलाव की शुरुआत संगठन से की जा रही है न कि केवल चुनावी रणनीति से देखी जा रही है.
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