जोधपुर: साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामला, नर्सिंग कर्मचारी देवी सिंह के खिलाफ केस दर्ज

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. बोरानाडा पुलिस थाना में कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है. अब तक प्रकरण मर्ग के आधार पर जांच के दायरे में था, लेकिन उपलब्ध सबूतों और रिपोर्टों के आधार पर केस दर्ज किया गया है.
घटना के दिन ही साध्वी के पिता बीरम नाथ ने बोरानाडा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (SIT) का गठन किया, जिसकी कमान छवी शर्मा को सौंपी गई.
केस दर्ज होते ही जांच औपचारिक रूप से शुरू
पत्रकारों से बातचीत में छवी शर्मा ने बताया कि कल मामला दर्ज होते ही जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
सबूतों की गहन समीक्षा
जांच के दौरान एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य सबूतों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया लापरवाही के तथ्य सामने आए हैं. एसआईटी पहले भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर चुकी है, लेकिन अब सभी पहलुओं पर और गहराई से पड़ताल की जाएगी. पुलिस का कहना है कि जांच में किसी भी सुराग को छोड़ा नहीं जाएगा और अनुसंधान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
इंजेक्शन के बाद हुई थी मौत!
28 जनवरी को तबीयत खराब होने पर इंजेक्शन लगाया गया था. इंजेक्शन लगाने के बाद चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक रहस्यमय मौत हो गई थी साध्वी के पिता विरमनाथ ने अपनी और से लिखित शिकायत दी थी. मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाकर जांच शुरू की इस पूरे मामले को बारीकी से देखा गया और इस पूरे मामले में नर्सिंग कर्मचारी देवी सिंह के द्वारा इंजेक्शन लगाना गलत पाया गया है. यह जो इंजेक्शन लगाए गए थे वह डॉक्टर के द्वारा ही लगाए जाते हैं.



