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अलीगढ़ में AIMIM ने 1 महीने तक शराब बंद करने की रखी मांग, प्रदर्शन कर DM के नाम सौंपा ज्ञापन

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अलीगढ़ में एक महीने तक शराब बंद करने की बड़ी मांग कर दी है. शुक्रवार (19 फरवरी) को होने वाले मुस्लिम समुदाय के पवित्र रमजान के महीने की शुरुआत से पहले ओवैसी की पार्टी के पदाधिकारियों ने साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ ही जिले में शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है. उन्होंने दावा किया है कि जिस तरह से हिंदुओं के त्योहार पर मीट-मछली की दुकान बंद रहती है. उसी की तर्ज पर मुस्लिम समुदायों की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए. सरकार और प्रशासन को जिले में शराब की दुकानों को बंद करना चाहिए. इस दौरान उनके द्वारा जिला कलेक्ट्रेट अलीगढ़ पर जमकर प्रदर्शन करते हुए डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया है.

पार्टी कार्यकर्ताओं ने डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि जिस प्रकार शिवरात्रि और नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों को बंद रखा जाता है, उसी तर्ज पर रमजान के पवित्र महीने में शराब की दुकानों को भी बंद कराया जाए. इस मांग को लेकर पार्टी नेताओं ने अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम (अपर सिटी मजिस्ट्रेट) को सौंपा.

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तस्वीरें और बैनर लिए हुए थे. नारेबाजी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए एक समुदाय विशेष के त्योहारों पर मीट की दुकानें बंद की जा सकती हैं, तो रमजान के दौरान शराब की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लगाई जा सकती. 

मांग पर क्या बोले प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता?

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र होता है. इस दौरान लोग रोजा रखकर इबादत करते हैं. ऐसे में शहर में खुलेआम शराब की बिक्री धार्मिक वातावरण को प्रभावित करती है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है, बल्कि समानता और  सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है. उनका तर्क था कि जब प्रशासन धार्मिक अवसरों पर शांति व्यवस्था और भावनाओं का ध्यान रखते हुए कुछ प्रतिबंध लागू करता है, तो उसी सिद्धांत को रमजान के महीने में भी लागू किया जाना चाहिए.

पार्टी के जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?

एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष यामीन अब्बासी ने कहा, “अगर शिवरात्रि और नवरात्रि पर मीट की दुकानें बंद रह सकती हैं, तो रमजान में शराब की दुकानें क्यों नहीं बंद हो सकतीं?” उन्होंने आगे कहा कि रमजान आत्मसंयम, त्याग और आध्यात्मिक शुद्धि का महीना है. इस दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार करते हैं.

उनका कहना था कि शराब का कारोबार सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी संवेदनशील विषय है, इसलिए प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यह मांग किसी प्रकार का दबाव नहीं बल्कि एक संवैधानिक अधिकार के तहत की जा रही अपील है. 

ज्ञापन में की गई यह मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि रमजान के पूरे महीने में शराब की दुकानों को बंद रखा जाए. साथ ही, प्रशासन से यह भी अनुरोध किया गया है कि धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष रूप से शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए. उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे.

प्रदर्शन के बीच पुलिस बल रहा तैनात

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा. हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली. एसीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी भावनाओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा.

पूरे मामले पर एसीएम विनीत कुमार के द्वारा ज्ञापन प्राप्त किया गया. उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिला अध्यक्ष आमीन अब्बासी के नेतृत्व में ज्ञापन प्राप्त हुआ है. इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए आगे भेजा जाएगा.

AZMI DESK

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