राजस्थान विधानसभा में ‘गौमाता’ पर संग्राम, 7 बार कार्यवाही स्थगित, BJP विधायक के इस्तीफे की चुनौती

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार का दिन भारी सियासी हंगामे के नाम रहा. गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग और गौशाला में बछड़े के साथ हुई वीभत्स घटना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़पें हुईं. नौबत यहां तक आ गई कि सदन की कार्यवाही को दिन भर में कुल सात बार स्थगित करना पड़ा.
विवाद की शुरुआत प्रश्नकाल के दौरान हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के सवाल से हुई. उन्होंने गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग उठाई. इस पर गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और गौ-संरक्षण के लिए पहले से ही कानून मौजूद हैं.
मंत्री के इस जवाब पर विपक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी विधायक जिस मुद्दे को उठा रहे हैं, उनकी अपनी ही सरकार उससे सहमत नहीं है. इसे लेकर सदन में देर तक तकरार चली और सत्ता पक्ष को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा.
जूली और गोपाल शर्मा में तीखी नोकझोंक
माहौल तब और गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हिंगोनिया गौशाला में गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने (मृत गाय लाने) की घटना का जिक्र किया. जूली ने आरोप लगाया कि “इस मामले का आरोपी बीजेपी का कार्यकर्ता है और एक विधायक उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं.”
इन आरोपों पर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा अपना आपा खो बैठे. उन्होंने चिल्लाते हुए चुनौती दी कि “अगर इस घटना में मेरा कोई आदमी शामिल मिला तो मैं विधायकी से इस्तीफा दे दूंगा.” इस दौरान शर्मा अपनी सीट छोड़कर विपक्ष की ओर बढ़ने लगे, जिसे लेकर सदन में भारी बवाल हुआ. हालांकि, बाद में गोपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपने आचरण के लिए माफी मांग ली.
पोस्टर वार और विशेषाधिकार हनन की तैयारी
हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन में गाय के कटे सिर के पोस्टर लहराए, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ी नाराजगी जताई. कांग्रेस ने विधायक गोपाल शर्मा के ‘वेल’ (Well) में आने को नियमों का उल्लंघन बताते हुए उनके खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव’ लाने की तैयारी शुरू कर दी है.
बुधवार को भी संग्राम के आसार
देर शाम स्पीकर की समझाइश के बाद सदन की कार्यवाही सुचारू हो सकी, लेकिन बुधवार को भी हंगामे के पूरे आसार हैं. कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह बुधवार को सदन के अंदर और बाहर (सड़क पर) इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी.



