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महोबा: पानी की टंकी के ओवरफ्लो पर सियासत तेज, मरम्मत का काम हुआ शुरू तो उठने लगे सवाल

महोबा के नगारा डांग इलाके में पानी की टंकी के ओवरफ्लो पर सियासत तेज हो गई है. जिसके बाद अधिकारी ओवर फ्लो की बात कहने लगे. सच्चाई जानने के लिए जब एबीपी न्यूज की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची. महोबा में चरखारी विधानसभा के नगारा डांग गांव में 13 फरवरी को टेस्टिंग हुई तो फव्वारे की तस्वीर सामने आ गई जिस पर सवाल खड़े हुए.

प्रशासन ने पहले ओवर फ्लो की बात कही और देर शाम यहां पर रिपेयरिंग का काम होने लगा. एबीपी न्यूज़ ने रात की तस्वीर भी दिखाई जब अंधेरे में काम किया जा रहा था और सुबह भी काम जारी रहा. यहां मौजूद मजदूरों ने कहा कि पाइप लीकेज है और ऊपर की ओर जब मजदूरों के पहुंचने का सवाल किया गया तो फिर बात टालने लगे. इतना ही नहीं इस रिपेयरिंग के काम को करा रहे ठेकेदार पहले तो कैमरे से बचने लगे और बाद में जनता ने जब विरोध किया तो बोले रिपेयरिंग कर रहे हैं. सवाल ये है कि जब टंकी में मात्र ओवर फ्लो हुआ है तो काम किस बात का जारी है.

हैंडपंप से पानी भर रहे लोग

बता दें कि नगारा डांग इलाके में पानी की टंकी तो बनी, लेकिन पानी की सप्लाई कुछ जगहों तक सिमट कर रह गई. महिलाएं आज भी हैंडपंप के सहारे पर हैं. महिलाएं घर से दूर आकर पानी भर रही है. घर तक पहुंचा पाइप सूखा है और युवा सरकार से पानी की मांग कर रहे हैं.

जल मिशन की रैंकिंग में 299 जिलों में महोबा का यूपी में  प्रथम और देश में दूसरा स्थान बताया जाता है. इस दौरान एक टंकी का वीडियो वायरल हुआ है, लेकिन चरखारी विधानसभा के तीन अन्य क्षेत्र में बनी पानी की टंकी जो कि जल जीवन मिशन के तहत बनाने की योजना थी आज भी सफेद हाथी बनकर खड़ी है. जनता व्यवस्था को कोस रही है. 

जैलवारा में बनी पानी की टंकी का क्या है सच?

एबीपी न्यूज ने जैलवारा में बनी पानी की टंकी का सच जाना. जैलवारा की आबादी 2500 है. यहां पर बनी इस टंकी का 2021 में काम शुरू हुआ और 2023 में इसे पूरा भी कर दिया गया. लेकिन ये सिर्फ एक आकार है. न तो इससे जनता को पानी मिल रहा और न ही सुविधा मिल रही है. 

मंगरौल में लोगों को डरा रही पानी की टंकी

मंगरौल खुर्द में पानी की टंकी लोगों को डरा रही है. आए दिन दुर्घटना का डर लगा रहता है. जनता की मांग है कि इसका कार्य पूरा करवाया जाए. 2022 में इस टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ और 2023 में ठेकेदार ने अचानक काम बंद कर दिया. 

जनता अब यहां लगी टंकी पर बांस बल्लियों के खतरे से जूझ रही है. पानी की समस्या दूर करने का माध्यम बनने वाली टंकी अब खुद एक समस्या बन गई है. वहीं दूसरी तरफ महुआ बांध इलाके की टंकी कुछ घरों को पानी की सप्लाई देती है, लेकिन टंकी भरते ही पानी गिरने लगता है.

पिछले दिनों यूपी के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के विवाद के बाद जलजीवन मिशन की तस्वीर निराश करने वाली है. ऐसे में सवाल व्यवस्था से है कि आखिर ऐसा क्यों है?

AZMI DESK

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