राज्य

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत, दो महीने के अंदर दूसरी घटना से हड़कंप

मध्यप्रदेश में बाघ और चीतों की मौत की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है. ताजा घटना प्रदेश के सागर जिले में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से आई है. यहां रिजर्व के कोर क्षेत्र में एक करीब 35 माह के बाघ का शव मिला है. बाघ की मौत से हड़कंप मचा है. इसको कान्हा टाईगर रिजर्व से पिछले महीने जनवरी में शिफ्ट किया गया था. पिछले साल दिसंबर में सागर के दक्षिण वन मंडल रेंज में एक बाघ का शव मिला था. जिसकी जांच पड़ताल खत्म नहीं हुई है. दो महीनों में दो बाघों के शव मिलने से कई सवाल व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर खड़े हो रहे है. वनमंडल अधिकारी के मुताबिक बाघ को 18-19 जनवरी 2026 को रेडियो कॉलर लगाकर रिजर्व के कोर वन क्षेत्र में मुक्त किया गया था. तब से ही मॉनिटरिंग दल उसकी लगातार निगरानी कर रहा था.

टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव

सागर में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में एक महीने पहले लाए गए करीब 35 माह उम्र के बाघ की मौत हो गई. रविवार (15 फरवरी) को मोहली क्षेत्र के  मानेगांव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में उसका शव मिला. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. 

अंधेरा होने के कारण विस्तृत सर्चिग नहीं हो सकी, जिसके बाद सोमवार (16 फरवरी) की सुबह डॉग स्क्वॉड के साथ जांच तेज की गई. डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम कर रही है, जिससे मौत का कारण स्पष्ट होगा. 

शुरुआती तौर पर टेरिटरी फाइट की आशंका जताई जा रही है. इस बाघ को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए लाया गया था. 

बाघ की मौत की जांच शुरू

वनाधिकारी के अनुसार विगत दो दिवसों से बाघ की लोकेशन एक जगह ही आ रही थी. मॉनिटरिंग दल ने नजदीक जाकर देखा तो उन्हें बाघ मृत अवस्था में मिला. अंधेरा हो जाने के कारण डॉग स्क्वायड से सर्च, अन्य अन्वेषण एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल अनुरूप पोस्टमार्टम किया जाएगा.

रेडियो कॉलर से मिली जानकारी

वनमंडल अधिकारी ने बताया कि रेडियो कॉलर से मिली जानकारी के अनुसार बाघ की मौत की वजह का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बाघ की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी है.

दो महीने पहले भी मिला था नर बाघ का शव

बाघों की मौत का सिलसिला  जारी है. इसी रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व से दो किलो मीटर दूर सागर के दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आने वाले ढाना परिक्षेत्र के ग्राम हिलगन के जंगल में रविवार (28 दिसंबर 2025) को एक नर बाघ मृत अवस्था में मिला था. 

जिसकी करंट लगने से मौत बताई गई थी. इसकी जांच के लिए वायल्ड लाइफ जबलपुर और पन्ना टाईगर रिजर्व का जांच दल आया था. दो महीने में बाघों के शव मिलने से वन विभाग और टाईगर रिजर्व में हड़कंप मचा है.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!