पंजाब सरकार ने मोगा में निकाली नशा विरोधी रैली, SAD ने DGP और मुख्य सचिव के भाषण पर लगाए आरोप

पंजाब सरकार ने सोमवार (16 फरवरी) को मोगा के किल्ली चाहलां में नशा विरोधी रैली की. इसमें नशे के विरुद्ध बनाई गई विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया. विरोधी दलों ने आरोप लगाया है कि अगर मोगा की रैली एक सरकारी कार्यक्रम था तो इसकी अध्यक्षता आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने कैसे की. विरोधी दलों ने पूछा है कि अगर ये आम आदमी पार्टी की रैली थी तो इसमें मुख्य सचिव और डीजीपी ने कैसे भाषण दे दिया. इस रैली में पंजाब के मुख्य सचिव KAP सिन्हा और डीजीपी गौरव यादव के भाषण देने पर बवाल खड़ा हो गया है.
रैली के दौरान अधिकारियों ने नेताओं को किया संबोधित
दोनों ही अधिकारियों ने अपने भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी संबोधित किया. दोनों अधिकारियों के इस रैली में भाषण देने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है और कहा है कि ये अफसरशाही का सियासीकरण है.
डीजीपी ने अपने भाषण में क्या कहा?
डीजीपी गौरव यादव ने अपने भाषण में पुलिस द्वारा ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में किए जा रहे कामों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटी के वॉलेंटियर्स नशे के खिलाफ लड़ाई में पंजाब पुलिस के आंख और कान साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग डेढ़ लाख विलेज डिफेंस कमेटी के वॉलेंटियर्स अब तक लगाए गए हैं पंजाब पुलिस के साथ उनकी तकरीबन 15 हजार बैठकें हो चुकी हैं.
उन्होंने बताया कि अब तक विलेज डिफेंस कमेटियों ने लगभग 1200 सूचनाएं पुलिस को नशा तस्करों के संबंध में दी हैं और इन पर कार्रवाई करते हुए तकरीबन 200 मामले दर्ज किए गए हैं और 300 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.
भाषण के दौरान क्या बोले मुख्य सचिव?
वहीं मुख्य सचिव KAP सिन्हा ने अपने भाषण में कहा कि नशे के खिलाफ इस युद्ध को सरकार पुलिस अकेले नहीं जीत सकती और इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है. उन्होंने कहा कि पंजाब में नशेंके विरुद्ध ये अभियान बड़े योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है.
शिरोमणि अकाली दल ने सरकार को घेरा
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने रैली में दोनों अधिकारियों के भाषण देने पर राज्य सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि दोनों. अधिकारियों का आम आदमी पार्टी की रैली में भाषण देना अफसरशाही के राजनीतीकरण है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस रैली का सारा खर्चा पंजाब सरकार ने उठाया है तो इसकी अध्यक्षता दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैसे की.



