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हिमाचल बजट सत्र के आगाज से पहले चढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस की बैठक में बनी रणनीति

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आगाज से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है. सोमवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में सत्तापक्ष ने विपक्ष के हर तीखे सवाल और संभावित विरोध का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया. बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राज्यपाल के अभिभाषण के बाद ‘रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट’ (RDG) पर लाए जाने वाले सरकारी संकल्प पर चर्चा रहा, जिस पर सदन में भारी हंगामे के आसार हैं.

PM के पास चलें बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रवैये पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर गंभीर होने के बजाय RDG जैसे संवेदनशील आर्थिक विषय पर ओछी राजनीति कर रहा है.

आर्थिक पैकेज और मदद की करेंगे मांग 

सीएम ने बीजेपी विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वे वाकई प्रदेश का भला चाहते हैं और उन्हें हिमाचल की जनता की चिंता है, तो उन्हें राजनीति करने के बजाय राज्य सरकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश के लिए आर्थिक पैकेज और मदद की मांग करेंगे, लेकिन बीजेपी केवल विरोध के लिए विरोध कर रही है.

अनुराग ठाकुर पर पलटवार: हक है, खैरात नहीं 

मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के हालिया बयानों पर भी पलटवार किया. उन्होंने दो टूक कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) हिमाचल प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है. यह कोई खैरात नहीं है जिसे केंद्र सरकार अपनी मर्जी से बंद कर दे. संविधान के तहत जो हक राज्यों को मिलता है, वह हिमाचल को भी मिलना चाहिए.

सदन में हंगामे के आसार 

सीएम के तेवरों से यह स्पष्ट हो गया है कि बजट सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिलेगी. कांग्रेस विधायक दल ने तय किया है कि विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले हर सवाल का तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब दिया जाएगा. साथ ही, केंद्र द्वारा आर्थिक मदद में की जा रही कथित कटौती और भेदभाव के मुद्दे को भी सदन के पटल पर जोर-शोर से उठाया जाएगा.

AZMI DESK

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