अब्दुल सत्तार के मंदिर जाने के विवाद पर बोले एकनाथ शिंदे, ‘जो राष्ट्रभक्त है, वह हमारा अपना है’

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने महाशिवरात्रि पर पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के मंदिर जाने और फिर शुद्धिकरण विवाद समेत कई अन्य मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति खेदजनक है. अब्दुल सत्तार हमारी पार्टी के नेता हैं और पहले मंत्री भी रह चुके हैं, ठीक वैसे ही जैसे पूर्व में साबिर शेख थे. हमारा रुख स्पष्ट है जो राष्ट्रभक्त है, वह हमारा अपना है लेकिन जो देश के खिलाफ बोलता है, वह हमारा विरोधी है.
छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार रविवार (15 फरवरी) को महाशिवरात्रि के मौके पर नागेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे. उनके दर्शन के बाद कुछ युवकों ने आपत्ति जताई और फिर मंदिर परिसर में शुद्धिकरण की प्रक्रिया की गई थी.
संतोष जगदाले के परिवार को लेकर क्या बोले शिंदे?
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, ”पहलगाम में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इस कठिन समय में मेरा हृदय पीड़ित परिवार के साथ है. मैं स्वयं उनसे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि उन्हें न्याय मिले. बता दें पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले में पुणे के संतोष जगदाले की जान चली गई थी. उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. अब उनकी बेटी असावरी जगदाले का कहना है कि सरकार की ओर से आश्वासन के बाद भी सरकारी नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.
टीपू सुल्तान विवाद पर एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?
शिवसेना प्रमुख शिंदे ने कहा, ”छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे सर्वोच्च आदर्श हैं. हमारी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके विचारों को मार्गदर्शक मानकर कार्य करते हैं. उनकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती. महाराज अद्वितीय हैं. संबंधित बयान की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. शिवाजी महाराज की विरासत अतुलनीय है.
मेट्रो हादसा और MMRDA बैठक पर क्या बोले शिंदे?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि मेट्रो में हालिया दुर्घटना को लेकर हम सख्त कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, ”हादसे के लिए जिम्मेदार इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है और विस्तृत जांच जारी है. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ठेकेदार पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये का दंड लगाया गया है.
उन्होंने आगे बताया कि MMRDA मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये का मुआवजा देगी और सरकार परिवार को हर संभव सहायता सुनिश्चित करेगी. डिप्टी सीएम ने कहा, ”मैंने MMRDA की सभी चल रही परियोजनाओं के लिए संरचनात्मक और सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं, जिसमें अनिवार्य थर्ड-पार्टी ऑडिट भी शामिल है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी.



