लैंड फॉर जॉब केस: लालू यादव-राबड़ी देवी ने खुद को बताया बेगुनाह, ट्रायल का करेंगे सामना

राउज एवेन्यू कोर्ट में रेलवे लैंड-फॉर-जॉब्स मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने खुद को बेगुनाह बताया. साथ ही ट्रायल का सामना करने की बात कही. दोनों राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता हैं. स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश होकर लालू यादव और राबड़ी देवी ने भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे केस को मेरिट पर लड़ेंगे. इससे पहले 29 जनवरी को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच पेश होने की इजाजत दी थी, ताकि आरोप तय करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा सके.
रॉउज एवन्यू कोर्ट में 9 मार्च से चलेगा ट्रायल
अदालत ने 9 मार्च से ट्रायल शुरू करने की तारीख तय की है. जनवरी में स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया वे आपराधिक साजिश का हिस्सा दिखते हैं.
सभी आरोपियों में से लालू परिवार समेत 46 पर आरोप तय
रॉउज एवन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि सीबीआई की चार्जशीट से संकेत मिलता है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेने का कथित खेल कई जगहों पर चला. कोर्ट ने आरोपियों की डिस्चार्ज की मांग को खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया. मामले में कुल 98 आरोपियों में से 46 पर आरोप तय हुए हैं, जबकि 52 को राहत मिली है. पांच आरोपियों की मौत के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो चुकी है.
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर की गई थी गड़बड़ी
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है. जब लालू यादव रेल मंत्री थे. जांच एजेंसी सीबीआई का आरोप है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले परिवार और उनसे जुड़ी कंपनी की जमीन बाजार कीमत से कम पर नाम कराई गई. ईडी पटना में जमीन ट्रांसफर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रहा है. अब सबकी नजर 9 मार्च से शुरू होने वाले ट्रायल पर टिकी है.



