‘लोग खुद अपनी कब्र खोद रहे…’ सलेम में टीवीके प्रमुख विजय की रैली पर AIADMK ने साधा निशाना, मीडियाकर्मी से झड़प पर भी घेरा

सलेम में टीवीके के पार्टी प्रमुख विजय की चुनावी रैली में हुई 37 साल के शख्स की मौत की घटना को लेकर AIADMK के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने टीवीके पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि टीवीके रैली में आने वाले लोग खुद अपनी कब्र खोद रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर आप कुछ गलत करते हैं तो उसे कहा जाता है कि आपने अपनी कब्र खुद खोद ली है. यह टीवीके रैली में हुए हादसे पर सटीक बैठता है. जो भी टीवीके की रैली में आता है, वह अपनी कब्र खुद खोदते हैं या अपना ताबूद खुद ले जाते हैं.
इसका मतलब है कि टीवीके के ढीले-ढाले और गैर जिम्मेदाराना बर्ताव को बढ़ावा देना है. ऐसा लगता है कि उस पार्टी के लोगों को आम लोगों के जीवन की कोई परवाह नहीं है. करूर में हुई घटना के बाद भी उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा है.
सत्यन ने इसके अलावा रिपोर्टर्स और टीवीके के कार्यकर्ता के बीच हुई झड़प पर भी अपनी बात रखी. सत्यन ने कहा कि टीवीके के कार्यकर्ता वहां मौजूद रिपोर्टर पर हमला करके कानून अपने हाथ में लेता है. यह एक बेकाबू भीड़ है. यह समझदारी भरा बर्ताव नहीं है. यह बेहद ही निंदनीय है.
सेववाईपेट्टई इलाके का रहने वाला था मृतक
सलेम में हुई युवक की मौत की पहचान सूरज के तौर पर हुई है. यह सलेम के सेववाईपेट्टई इलाके का रहने वाला है. उसकी उम्र 37 साल बताई जा रही है. वह मजदूरी का काम करता था. वह अचानक रैली में बेहोश हो गया था, उसे पास ही के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने बताया कि शख्स की मृत्यु हार्ट अटैक की वजह से हुई थी. कार्यक्रम के दौरान वह अचानक गिर पड़ा. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस घटना की जांच कर रही है.
इस घटना में टीवी पत्रकारों और टीवीके पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई थी. मीडियाकर्मियों का आरोप है कि घटना को कवर करते वक्त उन्हें रोका गया.
टीवीके के पार्टी महासचिव ने घटना पर जताया अफसोस
टीवीके के महासचिव निर्मल कुमार ने मौत और झड़प पर अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि हमने मौके पर एंबुलेंस भेजी थी. लेकिन दुर्भाग्य से शख्स की मौत हो गई. हमारे कार्यकर्ता परिवार के साथ हैं.
इसके अलावा कुमार ने कहा कि पार्टी के पास सिर्फ 4,998 लोगों के आने की अनुमति थी. लेकिन कम लोगों को अंदर जाने दिया गया. इस दौरान 30 से ज्यादा डॉक्टर्स मौजूद थे. कई मिनी क्लिनिक लगाए गए थे. सभी एम्बुलेंस इमरजेंसी के लिए आरक्षित रखीं हुई थी. हमने दोपहर 1:10 बजे कार्यक्रम खत्म किया था. हम निश्चित रूप से पब्लिक सेफ्टी को लेकर बहुत चिंतित हैं.



