Exclusive: मर्चेंट नेवी में भर्ती का झूठा सपना दिखा लाखों लूट रहे, DGS से शिकायत के बाद भी पुलिस थाने के सामने खुला है कैंपस

दिल्ली में मर्चेंट नेवी में नौकरी का सपना दिखाकर छात्रों से लाखों रुपये ठगने का बड़ा खुलासा हुआ है. दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी इलाके में NDIIT की बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर संचालित दिल्ली मैरीटाइम अकादमी नामक संस्थान पर आरोप है कि उसने खुद को शिपिंग महानिदेशालय (DGS) से मान्यता प्राप्त बताकर छात्रों को फर्जी कोर्स और 100% प्लेसमेंट का झांसा दिया.
शिकायत मिलने के बाद भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग ने जांच करने का आदेश देकर 9 जनवरी को सार्वजनिक एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि संस्था का DGS से मान्यता प्राप्त होने का दावा झूठा है. छात्र संस्थान के नौकरी के दावे के चक्कर में ना पड़ें.
इसके अलावा भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) श्याम जगन्नाथन ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी चिट्ठी लिख कर कार्रवाई करने की 9 जनवरी को मांग की थी. हालांकि आज एक महीने के बाद भी संस्थान खुलेआम संचालित हो रहा है वो भी कालकाजी थाने के ठीक सामने.
छात्रों ने लगाए अकादमी पर गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी एक छात्र ने आरोप लगाया कि उससे दिल्ली मैरीटाइम अकादमी ने 100 फीसदी नौकरी दिलवाने के नाम पर दाखिला लिया और साढ़े पांच लाख रुपये लिए. छात्र के मुताबिक, जब वो संस्थान में पहली बार गया था तो दिल्ली मैरीटाइम अकादमी के संचालकों ने उसे बताया था कि संस्थान DGS अप्रूव्ड है. 100% नौकरी की गारंटी दी है. इस पीड़ित छात्र के मुताबिक दाखिले के बाद न तो पढ़ाई हुई, न ही नौकरी मिली और एक उसे सिर्फ एक फर्जी जॉब ऑफर ईमेल भेज दिया गया.
छात्र के मुताबिक वो पिछले 1 साल से दिल्ली मैरीटाइम अकादमी से पैसे वापस करने की गुहार लगा रहा है लेकिन आज तक पूरा पैसा नहीं वापस हुआ. अब इस छात्र ने संस्था के खिलाफ पुलिस में शिकायत और कोर्ट में केस दाखिल किया है छात्र के मुताबिक अब उसे कोर्ट के जरिए ही पैसे वापस मिलने की आस है. साथ ही पीड़ित छात्र के मुताबिक संस्थान उसे लगातार लीगल नोटिस भेज रहा है और तोड़ने की कोशिश कर रहा है.
सुल्तानपुर के छात्र के अलावा दिल्ली के ही एक अन्य छात्र सचित सिंह ने बताया कि इंटरनेट पर दिल्ली मैरीटाइम अकादमी कोर्स के अलावा सीधा नौकरी दिलवाने का भी दावा करती है, जैसा कि DGS ने अपनी चिट्ठी में लिखा है. ऐसे में वो भी नौकरी की तलाश में DMA के संचालकों से मिला था, जिन्होंने उससे लाखों रुपये लेकर उसे कई फर्जी ऑफर लेटर दिए और एक बार गोवा और मुंबई तक भेजा. जहां मुंबई का पूरा खर्चा उसने ही वहन किया. अब जब वो संस्थान से पैसे वापस मांग रहा है तो संस्थान पैसे नहीं दे रहा है.
अकादमी को लेकर DGS की शिकायत में क्या बताया गया है?
दिल्ली मैरीटाइम अकादमी को लेकर DGS में जो शिकायत की गई है, उसमें कई फेसबुक पोस्ट्स और अन्य तस्वीरें भी साझा की गई है, जिसमें दिल्ली मैरीटाइम अकादमी कथित रूप से बी.टेक मरीन इंजीनियरिंग, बी.टेक नेवल आर्किटेक्चर, बी.एससी नॉटिकल साइंस, नॉटिकल साइंस में डिप्लोमा, जीपी रेटिंग, ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर (ईटीओ) तक का कोर्स करवाने का दावा कर रहा था.
इसी के बाद डीजीएस ने जांच के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर और प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की. जब इस पूरे मामले पर संस्थान की संचालिका मीनाक्षी जसवाल से सवाल किया गया तो उनका कहना था कि वे केवल कोचिंग सेंटर चलाती हैं और कोचिंग सेंटर के लिए DGS की मान्यता जरूरी नहीं है. साथ ही डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग की पब्लिक नोटिस और कार्रवाई पर मीनाक्षी जसवाल का कहना था कि DGS ने बिना पक्ष जाने इस तरह की पब्लिक नोटिस और चिट्ठी जारी की है. ऐसे में वो DGS के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है.
भारतीय नाविक संघ बोला- देशभर में 1 हजार से ज्यादा फर्जी संस्थान चल रहे
भारतीय नाविक संघ के अध्यक्ष आरपी विट्टिल का कहना है कि देश में 1000 से अधिक ऐसे फर्जी संस्थान चल रहे हैं, जो बिना मान्यता के युवाओं को मर्चेंट नेवी में नौकरी का सपना दिखाकर ठगी कर रहे हैं और जिस तरह से दिल्ली मैरीटाइम अकादमी (DMA) के मामले पर चिट्ठी के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई ये प्रशासनिक सुस्ती को दिखाता है.
DGS की एडवाइजरी और पत्र के एक महीने बाद भी संस्थान के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और कालकाजी थाने के ठीक सामने संचालित हो रहे इस संस्थान की गतिविधियों ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर कितने और छात्रों का भविष्य बर्बाद होने के बाद कार्रवाई होगी?



