ड्रग्स के खिलाफ दिल्ली पुलिस का महा-अभियान, 7 तस्कर गिरफ्तार, 48 किलो नशीला पाउडर बरामद

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के तहत आने वाली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह को जड़ से उखाड़ फेंका है. यह गैंग दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में सक्रिय था. पुलिस ने इस कार्रवाई में 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद किए हैं.
पुलिस ने इस सघन अभियान के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 48 किलो ट्रामाडोल (Tramadol) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) जैसे खतरनाक साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद हुए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दवाओं की मांग नशे के लिए काफी अधिक है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिरुद्ध, मनोज, किशनपाल उर्फ भुल्लर, कृष्ण तनवर, मनोज कुमार, प्रशांत और अमित के रूप में हुई है.
लाजपत नगर से शुरू हुई जांच की कड़ी
इस पूरे मामले की तफ्तीश सितंबर 2024 में शुरू हुई थी, जब पुलिस को दिल्ली में अवैध ड्रग्स की बड़ी खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी. क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर सबसे पहले लाजपत नगर से अनिरुद्ध को दबोचा, जिसके पास से 2 किलो ट्रामाडोल पाउडर मिला था. अनिरुद्ध से हुई कड़ी पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस इस संगठित सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में सफल रही.
फार्मा सेक्टर की आड़ में ‘मौत का कारोबार’
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी मेडिकल और फार्मा सेक्टर की अच्छी समझ रखते थे. वे इसी विशेषज्ञता का फायदा उठाकर कच्चे माल (Raw Material) का इंतजाम करते थे. इसके बाद, दवाओं को अवैध रूप से पैक कर बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था.
5 राज्यों में एक साथ छापेमारी
दिल्ली पुलिस ने इस गैंग को पकड़ने के लिए एक साथ कई राज्यों में छापेमारी की:
- उत्तर प्रदेश: आरोपी मनोज की गिरफ्तारी.
- दिल्ली: किशनपाल और कृष्ण तनवर को दबोचा गया.
- हरियाणा: तस्करी के तार जुड़े होने पर मनोज कुमार पकड़ा गया.
- हिमाचल और उत्तराखंड: प्रशांत और अमित की गिरफ्तारी हुई, जहाँ से ड्रग्स की सप्लाई चेन संचालित हो रही थी.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई नशे के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता है. पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही है ताकि ड्रग मनी के पूरे जाल को नष्ट किया जा सके.



