‘राहुल मेरी तरफ बढ़ रहे थे, पता नहीं उनका इरादा क्या था?’, रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी मेरी तरफ बढ़ रहे थे, पता नहीं उनका इरादा क्या था. ये गंभीर आरोप केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लगाया है. उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द कहने पर उनकी आलोचना की. साथ ही आरोप लगाया कि वह अपना आपा खोकर उनकी तरफ आ रहे थे. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी की तरफ से समर्थन करने और भाजपा नेताओं का आभार जताया.
दरअसल, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू जब संसद में बुधवार को प्रवेश कर रहे थे तो राहुल गांधी ने उनको ‘गद्दार’ बताया. इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने जवाब देते हुए उन्हें ‘देश का दुश्मन’ बताया है. घटना संसद के मकर द्वार के ठीक बाहर हुई थी. जहां गांधी सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे निलंबित कांग्रेस सांसदों के साथ एकजुटता में खड़े थे. इन सांसदों में से ज्यादातर पंजाब से थे. मकर द्वार मुख्य प्रवेश द्वार है जहां से सांसद नए संसद भवन में प्रवेश करते हैं.
मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने क्या कहा है?
अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को बीच में नहीं छोड़ा, उन्होंने कांग्रेस सांसद के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया और उसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए.
गांधी के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए बिट्टू ने कहा, ‘उनके (गांधी के) अंदर का गुब्बारा फूट गया. बहुत बड़े परिवार के व्यक्ति, देखिए क्या कह रहे थे. वह हाथ मिलाने की पेशकश कर रहे थे, यह सोचकर कि वह एक शहंशाह हैं. आप यह कह सकते हैं. राजनीति में हम विचारधारा की बात करते हैं लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं करते.’
बिट्टू ने आरोप लगाया कि जब वह संसद जा रहे थे तो गांधी आपा खोकर उनकी ओर आ रहे थे. उनका एक हाथ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और दूसरा हाथ गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर रंधावा ने पकड़ रखा था. वह इतने हिंसक हो गए, पता नहीं उनका इरादा क्या था, सिर्फ भगवान जानते हैं.
बिट्टू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया तो वह किस पार्टी से आए थे और नवजोत सिंह सिद्धू किस पार्टी से आए थे, जब उन्हें पंजाब कांग्रेस प्रमुख बनाया गया था.
बिट्टू ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल छोड़ने के बाद अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया था. बिट्टू ने अन्य राजनीतिक दलों से आने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा, ‘(पंजाब) कांग्रेस अध्यक्ष किसे बनाया गया? नवजोत सिंह सिद्धू. वह किस पार्टी से आए थे? क्या वह कांग्रेसी थे?’
बिट्टू ने संसद में हुई घटना के बाद उनकी आलोचना करने के लिए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर भी निशाना साधा।
दादा बेअंत सिंह को भारत रत्न न देने का लगाया आरोप
बिट्टू ने उनके दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, जिनकी 1995 में हत्या कर दी गई थी, को भारत रत्न नहीं देने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला. बिट्टू ने कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भारत रत्न दिया। बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए. बिट्टू राज्यसभा सदस्य हैं जिन्हें नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री पद दिया गया.



