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India-Bangladesh Relations: भारत-बांग्लादेश संबंधों पर संसद में JDU ने पूछा सवाल, अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों पर सरकार ने दिया ये जवाब

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसदों ने शुक्रवार (6 फरवरी, 2026) को केंद्र सरकार से भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर सवाल किया. जनता दल यूनाइटेड के लोकसभा सांसद गिरिधारी यादव, दिनेश चंद्र यादव और रामप्रीत मंडल ने विदेश मंत्री से पूछा कि क्या भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंध वर्तमान में एक संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं. अगर हां, तो इसके विवरण क्या है?

इसके साथ, क्या पाकिस्तान इस स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, जो देश के लिए हानिकारक हो सकता है, यदि हां, तो इसके विवरण क्या है? इसके अलावा, क्या सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक नागरिकों, विशेषकर हिंदुओं की सार्वजनिक हत्याओं की खबरों के संबंध में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ कोई चर्चा की है और अगर हां तो इसके विवरण क्या हैं?

सवाल का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि भारत और बांग्लादेश, पड़ोसी देशों के रूप में, गहरे ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक संबंध साझा करते हैं. हमारे द्विपक्षीय संबंध लोगों के विकास पर केंद्रित हैं. दोनों देशों के बीच संस्थागत द्विपक्षीय तंत्र के तहत कई आदान‑प्रदान और बैठकें जारी हैं. एक लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत का समर्थन सभी प्रासंगिक संवादों में अंतरिम सरकार को सूचित किया गया है. 

बांग्लादेश के साथ संबंध पर क्या बोले मंत्री?

मंत्री ने बताया कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध तीसरे देशों के साथ उसके संबंधों से स्वतंत्र हैं. सरकार भारत के राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव डालने वाले घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है और उनकी रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करती है. भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सुरक्षा का मुद्दा सभी प्रासंगिक अवसरों पर, उच्चतम स्तर पर भी, बांग्लादेशी अधिकारियों के समक्ष उठाया है. 

प्रधानमंत्री ने कब उठाया था मुद्दा?

प्रधानमंत्री की तरफ से 4 अप्रैल 2025 को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ बैठक में और विदेश मंत्री तरफ से 16 फरवरी 2025 को विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ बैठक में  अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित मुद्दा उठाया गया था. सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित रिपोर्ट पर लगातार नजर रख रही है. बांग्लादेश के सभी नागरिकों, जिसमें धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, के जीवन, स्वतंत्रता और कल्याण की रक्षा करना बांग्लादेश सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

AZMI DESK

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