सुखोई-30 और तेजस के बाद अब राफेल में इंटीग्रेट होंगी ‘Astra’, चीन-PAK के लिए कितना खतरनाक होगा फाइटर जेट?

भारतीय एयरफोर्स अपने बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को पूरा करने के लिए फ्रांस से 114 नए राफेल खरीदने की तैयारी कर रही है. इसको लेकर रक्षा मंत्रालय गहन मंथन में जुटा हुआ है. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस डील पर मुहर लग सकती है. इस बीच बीच भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
फ्रांस से खरीदे गए अपने फाइटर जेट्स के बेड़े को भारत स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली Astra MK1 और Astra MK2 बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलों (BVRAM) से लैस करने की तैयारी में है. इसको लेकर अगले दो सालों यानी 2028 तक टेस्टिंग शुरू हो जाएगी.
Su-30MKI और तेजस फाइटर जेट भी Astra से लैस
रक्षा संबंधी खबरों से जुड़ी वेबसाइट डिफेंस डॉट इन के मुताबिक, यह पहल रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए परिचालन लचीलेपन को बढ़ाने के भारतीय वायु सेना के रोडमैप में एक महत्वपूर्ण है. बता दें कि Astra MK1, जो पहले से ही सुखोई-30MKI और LCA तेजस जैसे फाइटर जेट्स में लैस है, वो 100 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता प्रदान करती है.
Astra MK2 से बढ़ेगी मारक क्षमता
इतना ही नहीं, आने वाले कुछ समय में राफेल और सुखोई-30 को Astra MK2 से भी अपग्रेड किया जाएगा, जिससे इनकी मारक क्षमता 100 किमी से बढ़कर 160 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी. इसके साथ ही ये मिसाइल यूरोपीय देशों की ओर से बनाई गई मेटियोर जैसी मिसाइलों की बराबरी करेगी. रक्षा सूत्रों के अनुसार, फाइटर जेट और उसके निर्माता डसॉल्ट एविएशन और थेल्स इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करने पर सहमत हो गए हैं.
भारतीय मिसाइलों को राफेल के उन्नत RBE2 एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार और उसके कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ प्रभावी ढंग से कॉर्डिनेट करने में सक्षम बनाने वाले विशिष्ट सॉफ्टवेयर अपग्रेड विकसित करने के लिए उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है. यह सहयोग सुनिश्चित करता है कि फाइटर जेट Astra मिसाइलों की मार्गदर्शन और टारगेट कर सकने वाली क्षमताओं का पूरी तरह से उपयोग कर सके. युद्ध जैसी स्थिति में जाने से पहले इसको कई चरणों से होकर गुजरना होगा.
चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन!
राफेल फाइटर जेट्स के अपग्रेड होने की खबर सुनते ही पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की भी टेंशन बढ़ने वाली है. दरअसल भारत जिस तरह से अपने फाइटर जेट्स को Astra जैसी मिसाइलों से लैस कर रहा है, ऐसी तकनीकी का इस्तेमाल यूरोपीय देश और अमेरिका भी करते हैं. इसलिए भारतीय स्वदेशी मिसाइलों को अपग्रेडेशन से राफेल और भी खतरनाक हो जाएगा.



