‘दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को…’, इस्लामाबाद में शिया मस्जिद के बाहर धमाके पर पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने किया खारिज
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 6 फरवरी 2026 को शिया मस्जिद (इमामबारगाह) के बाहर हुए भीषण धमाकों को लेकर शहबाज शरीफ सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ऐसे आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है. भारत ने कहा कि पड़ोसी देश अपने घरेलू कारणों से पैदा हुई परेशानियों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित कर रहा है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘आज इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए बम विस्फोट की घटना निंदनीय है और इससे हुई जानमाल की क्षति पर भारत अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय पाकिस्तान अपने घरेलू कारणों से पैदा हुई परेशानियों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित कर रहा है. भारत ऐसे हर आरोप को पूरी तरह खारिज करता है, जो निराधार होने के साथ-साथ निरर्थक भी हैं.’
भारत पर मढ़ दिया था हमले का आरोप
जुमे की नमाज के दौरान इस्लामाबाद की शिया मस्जिद के बाहर हुए आत्मघाती धमाके में अबतक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 170 लोग घायल हैं. जैसे ही ये ब्लास्ट हुआ, वैसे ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी सबूत के भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगा दिया. जैसे कि उनकी पुरानी आदत है. उन्होंने कहा कि कि हमलावरों का संबंध भारत समर्थित समूहों से हो सकता है. आतंकी घटनाओं के लिए बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगाना पाकिस्तान की आदत बन चुकी है.
कैसे हुआ धमाका? प्रत्यक्षदर्शी ने बताया
इस्लामाबाद में यह विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजातुल कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में हुआ. मस्जिद के एंट्री गेट पर रोके जाने के बाद आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकवादियों ने पहले गोलीबारी की और फिर बम विस्फोट किया. जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद के मेन गेट के पास गार्ड ने आतंकी को रोका तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी. वह नमाज पढ़ी जाने वाली जगह की ओर दौड़ा और खुद को उड़ा लिया. हमलावर ने खुद को उड़ाने के लिए इतने भारी विस्फोटक का इस्तेमाल किया था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव पाकिस्तान के दौरे पर हैं.



