बिहार: सीवान का युवक 8 महीने से अबू धाबी जेल में बंद, 1.25 करोड़ का लगा जुर्माना, सदमे में डूबा परिवार

सीवान के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है. बेटा अबू धाबी जेल में बीते करीब आठ महीने से बंद है जिसके चलते घर के लोगों को सदमा लगा है. कहीं से मदद नहीं मिल रही है. परिजन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर यूपी के सीएम समेत विदेश मंत्रालय तक गुहार लगा रहा है. पूरा मामला सीवान जिले के आंदर प्रखंड के कटवार गांव का है.
बताया जाता है कि कटवार गांव निवासी मनोज सिंह का बेटा दीपक एक जून (2025) को सीवान से गोरखपुर गया था. फिर गोरखपुर से वाया हैदराबाद इंडिगो की फ्लाइट से अबू धाबी एयरपोर्ट पहुंचा. यहां उसे अबू धाबी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. करीब आठ महीने हो गए लेकिन परिवार अपने बेटे की रिहाई के इंतजार में बैठा है.
क्या है गिरफ्तारी का कारण?
बीते गुरुवार (05 फरवरी, 2026) को दीपक की मां सोना देवी ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा अबू धाबी के नासिर अल हाजिरी कॉरपोरेशन में काम करता था. वो पहले ही विदेश गया था. बहन की शादी मई में थी तो वो 25 अप्रैल को एक महीने की छुट्टी लेकर सीवान आया था. बहन की शादी के बाद वह एक जून को दोबारा उसी कंपनी में काम करने के लिए गोरखपुर से हैदराबाद के रास्ते अबू धाबी चला गया. जाने के छह दिन बाद अबू धाबी से पुलिस ने फोन पर सूचना दी कि आपका बेटा प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़ा गया है, इसलिए उसे पकड़ा गया है.
मां ने कहा कि वह मदद के लिए अब तक कई जगह जा चुकी हैं. सीवान के डीएम, स्थानीय विधायक, सांसद, बिहार के मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय तक गई हैं. दिल्ली में करीब 25 दिन रहीं लेकिन विदेश मंत्रालय से कोई मदद नहीं मिली.
परिवार ने उठाए सवाल
दीपक की चाची ने बताया कि दिल्ली में विदेश मंत्रालय से जानकारी मिली कि दीपक के ऊपर पांच लाख दिरहम यानी भारतीय रुपयों में करीब एक करोड़ 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है. उनका कहना है कि अगर दीपक प्रतिबंधित सामान ले गया तो गोरखपुर एयरपोर्ट पर उसका सामान कैसे जाने दिया गया? दादा का कहना है कि दीपक को फंसाया जा रहा है. परिवार के पास इतने पैसे कहां से आएंगे?



