संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, अखिलेश यादव ने संभाला, बोले- मैं ठीक हूं, देखें Video

संसद भवन परिसर में हुए एक घटनाक्रम की खूब चर्चा हो रही है. सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाए और उन्हें सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभाला. इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में कांग्रेस सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं. जैसे ही उन्होंने सीढ़ी पर पैर रखा, थरूर फिसल गए.
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उनके बगल में खड़े थे और वे तुरंत थरूर को उठने में मदद करने लगे. इसके बाद दोनों में थोड़ी सी बातचीत भी हुई. इसके बाद अखिलेश यादव थरूर का हाथ पकड़कर कुछ सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए. इसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की थी. अब इस वीडियो को खुद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
Yes thanks to @yadavakhilesh, @Imranmasood_Inc and others who came to help as I hobbled off.
Took a bit of a tumble by missing a step when coming down the Parliament stairs. A bit of pain still, but I don’t think I’ve broken anything, just twisted the ankle and bruised some… https://t.co/gDhMMV8cu9
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 4, 2026
थरूर ने लिखा- संभल‑संभल के चलना होगा. मैं ठीक हूं
शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, “जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा. मैं ठीक हूं.” थरूर के इस बयान के अब राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. संसद भवन में हुई एक और घटना की दिनभर चर्चा रही. संसद परिसर में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हो गई. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो, तुम वापस आओगे.
इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा. हालांकि, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन बिना हाथ मिलाए रवनीत सिंह बिट्टू चले गए. इस पूरे मामले को लेकर भाजपा राहुल गांधी पर हमलावर है. बिट्टू को गद्दार कहे जाने पर दिल्ली के सात भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को निंदनीय करार दिया है. भाजपा सांसदों का दावा है कि राहुल गांधी ने सिख समुदाय की अस्मिता पर सीधा प्रहार किया है.



