राजनीति

नए सीएम के ऐलान के बाद शुभेंदु अधिकारी का पहला रिएक्शन, कहा- सालों की मेहनत को फल मिला

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लग गया है. मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम तय हो गया है. सीएम के नाम के ऐलान के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सालों की मेहनत को फल मिला. उन्होंने कहा कि संदेशखाली मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के सीएम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में अगर किसी नेता ने बीते कुछ वर्षों में तेजी से अपना कद बढ़ाया है, तो वह नाम है शुभेंदु अधिकारी. आज वे न सिर्फ राज्य में बीजेपी का सबसे प्रमुख चेहरा हैं, बल्कि प्रदेश के नए मुख्यमंत्री भी बनने वाले हैं. कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (8 मई 2026) को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा की. अधिकारी को ममता बनर्जी के सबसे मुखर आलोचक के तौर पर भी जाना जाता है, लेकिन एक समय था जब शुभेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे.

बंगाल में किसी को डरने की जरूरत नहीं: शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने इस तरह के जनादेश हासिल करने के लिए दिन-रात काम करने वाले सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने टीएमसी के शासनकाल के दौरान कथित तौर पर मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को भी याद किया. उन्होंने यह भी कहा, ‘बीजेपी अपने घोषणापत्र में बंगाल की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करेगी. बंगाल में बीजेपी सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी.’

शुभेंदु अधिकारी ने कहा हम जनता की उम्मीदों पर खड़ा उतरेंगे और अब बंगाल में किसी को डरने की जरूरत नहीं है. बंगाल का गौरव वापस लाएंगे. नई सरकार आपके साथ रहेगी. पीएम की सभी गारंटी को पूरा करेंगे. मैं बंगाल में भाषण कम दूंगा, लेकिन काम ज्यादा करूंगा.’

घसपैठ संभव होने वाली है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘आज त्रिपुरा में हमारी सरकार है, असम में हमारी सरकार है और अब बंगाल में भी हमारी सरकार बनी है. घसपैठ और गौ तस्करी असंभव होने वाली है. दृढ़ता के साथ बंगाल सरकार और भारत सरकार इस सीमा को राष्ट्र की सुरक्षा के अभेद किले की तरह परिवर्तित कर देगी. 23 प्रशासनिक जिलों में से 9 जिले ऐसे हैं, जहां दीदी का खाता भी नहीं खुला है. सूपड़ा साफ हो चुका है.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने ऐसा प्रचंड जनादेश कभी देखा नहीं क्योंकि सरकार काम करती है तो जनादेश मिलता है, लेकिन जहां विपक्षी दल में है और विरोधी दल के नेता को बोलने का मौका नहीं दिया जाता है, वहां पर सत्ताधारी दल का 9 जिलों में शून्य वोट ये केवल जनता और ईश्वर की कृपा है.’

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AZMI DESK

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