‘उनका सॉफ्टवेयर कहीं और से अपडेट हो रहा है’, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बोले सतुआ बाबा

माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर हो रहे विवाद के बीच जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना कहा कि जो भगवा चोला पहनकर विवाद खड़ा कर रहा है उसका सॉफ़्टवेयर कहीं और से अपडेट हो रहा है. सनातन में संवाद होता है विवाद नहीं.
सतुआ बाबा ने कहा कि माघ मेले में अशांति करने वाले लोगों को जनता समझ गई है. साधु-संतों को अपना समय विवाद में नहीं संवाद में करना चाहिए. अशांति फैलाने वाले लोग स्वयं देखें कि वो ये भारत के हित में कर रहे हैं या अहित कर रहे हैं. जहां शंकराचार्य ने भारत को जोड़ने का काम किया था, अगर हम उनके सच्चे अनुयायी है तो हमें जोड़ने चाहिए तोड़ना नहीं चाहिए.
शंकराचार्य विवाद पर सतुआ बाबा का बयान
सतुआ बाबा ने कहा कि अशांति फैलाने वाले लोग स्वयं देखें कि वे देश हित में कर रहे हैं या अहित कर रहे हैं. शंकराचार्य विवाद पर उन्होंने कहा कि देश में कानून होता है, कानून का जो उल्लंघन करेगा उसकी जांच हो रही है. जांच के बाद उत्तर मिल जाएगा.
‘कालनेमि’ वाले बयान पर सतुआ बाबा ने कहा कि संतों का काम है सबको जोड़ना. साधक किसी का बाधक नहीं होता है. जिस तरह अशांति फैलाने वाले संतों द्वारा एक भगवा की औरंगज़ेब, हुमायूं और अकबर से तुलना की जा रही है ये भारत के सनातनी का और भगवा ध्वज का संदेश नहीं है. हमें लगता है कि चोले में अकबर, बाबर और हुमायूं का नाम लेने वालों की भारत में जगह नहीं है और जो उनका नाम लेगा हमारा हर सनातनी उन्हें जवाब देगा.
‘ऐसे लोगों के लिए श्मशान है…’
अगर भगवा भेष में अकबर को अपना अनुयायी मानते हों. हमारे किसी सनातनी की अकबर से तुलना करते हुए उनके लिए हमारा सनातनी कब्र खोदकर रखा है. जो ऐसी वाणी का प्रयोग करेगा तो निश्चित इस भारत में उनके लिए जगह नहीं, उनके लिए श्मशान है.
सतुआ बाबा ने कहा कि सनातन में विवाद नहीं संवाद होता है और जहां संवाद होता है वहां विवाद होता ही नहीं है. हमारा सनातन कहता है कि विश्व में शांति हो. हम विवाद वाले हैं ही नहीं, जो सनतानी होगा वो संवाद ही करेगा और जो सनातन का चोला पहनकर विवाद खड़ा कर रहा है तो उसका सॉफ्टवेयर कहीं और से अपडेट हो रहा है.



