इकलौते बेटे की लाश देख माता-पिता बेसुध, कई दर्दनाक हादसों में सात लोगों की मौत

आजमगढ़। जिले और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों में हुए दर्दनाक हादसों ने कई परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। सड़क दुर्घटना और करंट लगने से सात लोगों की मौत हो गई, जिससे गांव-गांव में मातम छा गया।
जहानागंज थाना क्षेत्र के करउत ग्रामसभा चौबेपुर निवासी सहायक शिक्षक मनोज चौबे (45) गुरुवार सुबह बाइक से बाजार जा रहे थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर मटियवना में तैनात मनोज अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वे पत्नी, एक बेटे और पांच बहनों को पीछे छोड़ गए। शव देख परिजनों का करुण क्रंदन देख हर कोई भावुक हो गया। शिक्षक समाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बरदह थाना क्षेत्र के जिवली मोड़ पर बुधवार रात सराय मोहन गांव के विजय सरोज (22) और उनके साथी विशाल यादव (21) हादसे का शिकार हो गए। बादशाहपुर से लौटते समय बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। विजय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विशाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को जौनपुर सदर अस्पताल रेफर किया गया। विजय तीन भाइयों में सबसे बड़े थे।
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कंजहित बाजार में प्रतिमा विसर्जन के दौरान 16 वर्षीय छात्र अनमोल उर्फ गोलू चौहान की तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार की चपेट में आने से मौत हो गई। गाजीपुर के औढियार निवासी अनमोल का अंतिम संस्कार परिजनों ने विरोध के बाद कर दिया।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के दखिनगांवा गांव में गुरुवार शाम शनि चौरसिया (23) निर्माणाधीन मकान में करंट की चपेट में आकर मौत के शिकार हो गए। लोहे के दरवाजे से स्पर्श होते ही बिजली प्रवाहित हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र के बहेलियापार गांव में मंगलवार रात खेत जाते समय सूरज गिरी (26) खुले तार की चपेट में आ गए। आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति के अवैध तार से करंट फैला हुआ था। पिता सुरेंद्र गिरी की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बलरामपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के मनचोभा गांव निवासी सुखराज यादव (45) की शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। ककरहटा के पास साइकिल से लौटते समय अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई और सड़क सुरक्षा व विद्युत तारों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है।



