आजमगढ़ लोको पायलट मौत मामला: BJP नेता ज्ञानेंद्र मिश्रा को मिली जमानत,
शेष पांच आरोपी अभी भी जेल में, वीडियो में मृतक ने लिया था नाम

आजमगढ़। जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नौशहरा वार्ड निवासी लोको पायलट दुर्गेश कुमार की संदिग्ध मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। जिला सत्र न्यायालय, आजमगढ़ ने आरोपी भाजपा नेता ज्ञानेंद्र मिश्रा को जमानत दे दी है। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और निराशा में है, जबकि बचाव पक्ष ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की जीत करार दिया है।
दुर्गेश कुमार, जो रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत थे, की 7 सितंबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भारी हलचल मचाई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा नेता ज्ञानेंद्र मिश्रा समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान कई अहम सबूत हाथ लगे थे और मामले में पांच आरोपी अभी भी जेल में हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस प्रकरण को और पेचीदा बना दिया था। वीडियो में मृतक दुर्गेश ने स्पष्ट तौर पर ज्ञानेंद्र मिश्रा और एक युवती का नाम लेते हुए अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। यही वजह थी कि परिवारजन लगातार कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओम प्रकाश मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“हमने अदालत में पर्याप्त सबूत पेश किए जिससे हमारे मुवक्किल की निर्दोषता साबित होती है। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए न्यायसंगत निर्णय लिया है। जमानत की शर्तों का पूरा पालन किया जाएगा।”
वहीं, दूसरी ओर मृतक दुर्गेश के परिजनों ने इस आदेश को निराशाजनक बताया है। परिवार का कहना है कि जब तक सभी दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
इस पूरे मामले पर अब सबकी निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल पांच अन्य आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि मुख्य आरोपी को जमानत मिल जाने से पीड़ित परिवार की न्याय की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है।



