अतीक-अशरफ को कैसे उतारा मौत के घाट?
चश्मदीदों ने सुनाया हत्याकांड के एक-एक पल का आंखों देखा हाल

प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या के बाद अब घटना के चश्मदीद सामने आ रहे हैं। जहां पर हत्या हुई। वहां कुछ लोग पास में ही मौजूद थे। इन लोगों ने अपने सामने अतीक की हत्या होते हुए देखा। इन लोगों ने पूरी घटना की आंखों देखा हाल सबके सामने कह सुनाया है। बता दें कि शनिवार (15 अप्रैल) देर रात अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये वारदात तब हुई जब दोनों को पुलिस कस्टडी में रूटीन मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था। अतीक और अशरफ कैसे मारा गया और उस समय क्या-क्या हुआ है, इसका पूरा ब्यौरा वहां मौजूद चश्मदीदों ने बताया है।
एक निजी मीडिया संस्थान में एक चश्मदीद ने बताया कि देर रात अतीक और अशरफ को मेडिकल कॉलेज के कॉल्विन अस्पताल लाया गया था। अस्पताल होने के चलते यहां पर रात में भी चहल-पहल बनी रहती है। चाय और नाश्ते की छोटी दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं।एक निजी मीडिया संस्थान में एक चश्मदीद ने बताया कि पहले पुलिस वाले यहां पर आए। पुलिस ने आने के बाद वहां खड़ी गाडियों को हटाकर रास्ता साफ कराया। इसके बाद अतीक और अशरफ को लेकर पुलिस पहुंची। इस दौरान चार लड़के वहां पहुंचे। जैसे ही अशरफ और अतीक को निकालकर ले गए वैसे ही तड़ातड़ गोलियां चलने लगीं। यहां एक बात बता दें कि पुलिस ने तीन हमलावरों के पकड़े जाने की बात कही है। कैमरे में भी तीन ही हमलावर कैद हुए हैं।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हमलावर प्रेस रिपोर्टर का आईकार्ड लगाए हुए थे। उन्होंने गोली मारना शुरू किया तो पुलिस वाले अतीक-अशरफ को कवर किए हुए थे। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, जब अतीक और अशरफ गिर गए तो पुलिस वाले वहां से भाग गए, जबकि उन्हें उन दोनों को उठाना चाहिए था। बीती 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में अतीक अहमद को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हत्याकांड को लेकर प्रयागराज पुलिस अतीक और अशरफ से पूछताछ कर रही थी। इसी सिलसिले में रूटीन जांच के लिए उन्हें अस्पताल लाया गया था। अतीक और अशरफ की मौत के साथ ही बीते 51 दिनों में उमेश पाल हत्याकांड के 6 आरोपी मारे जा चुके हैं। 4 आरोपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इनमें अतीक अहमद का बेटा असद भी शामिल है, जो 13 अप्रैल को झांसी में एनकाउंटर में मारा गया।



