2020 दिल्ली दंगा: युवक की मौत के मामले में कोर्ट सख्त, 2 पुलिसकर्मियों को जारी किया समन

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली में हुए दंगों के दौरान 23 साल के युवक फैजान की मौत से जुड़े मामले में पुलिस के दो पुलिसकर्मियों को समन जारी किया है. यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें कुछ पुलिसकर्मी फैजान को लाठियों से मारते हुए और उससे राष्ट्रगान गवाते हुए दिखाई दे रहे थे. बाद में युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठे थे.
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया था जांच का आदेश
दिल्ली पुलिस की जांच में कोई ठोस नतीजा सामने न आने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2024 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. सीबीआई ने हाल ही में अपनी चार्जशीट दाखिल करते हुए हेड कांस्टेबल रविंदर कुमार और कांस्टेबल पवन यादव पर आईपीसी की धारा 323, 325 और 304(II) के तहत आरोप लगाए हैं.
इन धाराओं में गैर-इरादतन हत्या और मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं. एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों को 24 फरवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए थे सवाल
इससे पहले जुलाई 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की जांच को लेकर दिल्ली पुलिस पर कड़ी नाराजगी जताई थी. जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने कहा था कि यह घटना हेट क्राइम की श्रेणी में आती है, लेकिन पुलिस की जांच धीमी और अधूरी रही. कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्हीं पर कानून तोड़ने के आरोप लगे हैं. जिससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
पीड़ित की मां ने याचिका दाखिल कर लगाया था आरोप
फैजान की मां किस्मतून ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके बेटे को बेरहमी से पीटा, अवैध हिरासत में रखा और इलाज नहीं दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई. अब मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी.



