मणिपुर में दो नगा उग्रवादी गुटों के बीच गोलीबारी:4 की मौत; गांव वाले घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे
मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार सुबह करीब 4 बजे दो नगा उग्रवादी गुटों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें 4 उग्रवादियों के मारे जाने की आशंका है। गोलीबारी में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेंचुई) और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (NSCN-IM) के सदस्य के शामिल होने की आशंका है। यह घटना खौपुम इलाके के ताओदाइजांग गांव में हुई। घटना के बाद महिलाएं समेत कई गांव वाले मौके पर पहुंचे और दोनों गुटों से गोलीबारी रोकने की अपील की। इस बीच, गोलीबारी के डर से गांव वाले अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। मारे गए लोगों की पहचान नहीं हो सकी इस बीच, रोंगमेई नगा लुपुआम संगठन ने दोनों सशस्त्र गुटों से लड़ाई बंद करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। संगठन ने कहा कि लगातार गोलीबारी से आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस और सुरक्षाबलों के मौके पर पहुंचने और जांच करने के बाद ही गोलीबारी की पूरी जानकारी, मृतकों की संख्या और उनकी पहचान का पता चल सकेगा। फिलहाल, रुक-रुककर हो रही गोलीबारी के बीच गांव वालों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। मणिपुर में दो अलग घटनाओं में 5 की मौत नोनी जिले के केकरू नगा गांव में 31 अक्टूबर को दो हथियारबंद गुटों के बीच कई घंटे तक गोलीबारी हुई थी। इसमें कुकी समुदाय के 3 लोगों की जान चली गई। वहीं, कांगपोकपी जिले में 29 अक्टूबर से लापता दो युवकों के शव 1 नवंबर को मिले। दोनों युवक ताफौ कुकी गांव से लापता हुए थे। पहाड़ी इलाके में मिले शवों की पहचान की जा रही है। 2023 की हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने 3 सितंबर को विधानसभा में बताया था कि इस हिंसा में 306 लोगों की मौत हुई है और 49 लोग अब भी लापता हैं। इसी बीच, सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले के साइनाई में कुकी-जो उग्रवादी समूहों के एक शिविर पर कब्जा किया। शिविर में दर्ज 159 सदस्यों में से केवल एक ही मिला। वहां से 24 हथियार भी बरामद किए गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने राज्य के सभी 14 ऐसे शिविरों की जांच करने की योजना बनाई है। कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता 4 सितंबर 2026 को खत्म हो गया था। इसका नवीनीकरण नहीं हुआ है। शिविर में दर्ज सदस्यों की संख्या और वहां मौजूद लोगों के बीच अंतर मिलने के बाद समझौते के नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं। ----------- यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर में हिंसा भड़की, 10 की मौत:उग्रवादियों ने पुलिस स्टेशन, 14 घर जलाए; इस साल हुई घटनाओं में 40 से ज्यादा मौतें मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच झड़पों में 24 घंटे के दौरान एक महिला समेत 10 लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)