राजनीति

असम में ममता बनर्जी ने जारी की 17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, जानें TMC ने किसे दिया मौका?

असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ममता बनर्जी ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में TMC न  17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने असम प्रदेश में शुक्रवार को अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में यह घोषणा की गई है.

जानिए किसे कहां से दिया गया मौका?
असम प्रदेश तृणमूल कांग्रेस ने कुल 17 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है. इनमें विभिन्न जिलों और आरक्षित सीटों से उम्मीदवार शामिल हैं. TMC ने कोकराझार जिले की बाओखुंगरी सीट (ए.सी. 4) से उदंगस्री नरजरारी, धुबरी जिले की बिलासीपारा (ए.सी. 10) से मोमिननुर इस्लाम, गोलपारा जिले की जलेस्वर (ए.सी. 12) से आरिफ अख्तर अहमद, बोंगईगांव जिले की अभयापुरी (ए.सी. 16) से कौशिक रंजन दास और बजाली जिले की बजाली (ए.सी. 26) से कल्याणी कलिता को प्रत्याशी बनाया है.

तिनसुकिया और कामरूप जिले में ये होंगे मैदान में
इसके अलावा पार्टी ने कामरूप जिले की चमरिया (ए.सी. 27) से दुलु अहमद, कामरूप जिले की बोको-चायगांव (एसटी) (ए.सी. 28) से भोगलाल राभा, नलबाड़ी जिले की बारखेत्री (ए.सी. 38) से अमीरुल इस्लाम, तमुलपुर जिले की गोरेस्वर (एसटी) (ए.सी. 44) से राजन चौहान और दररांग जिले की मंगलदाई (ए.सी. 50) से हरे कृष्णा डेका को मैदान में उतारा है.TMC ने धेमाजी जिले की धेमाजी (एसटी) (ए.सी. 78) से नरेंद्र कुमार पाव, तिनसुकिया जिले की डिगबोई (ए.सी. 84) से जितेन नाग और मकुम (ए.सी. 85) से दिलीप मोरान, कछार जिले की उद्धारबंद (ए.सी. 115) से तपस दास, कटिगोराह (ए.सी. 116) से फजलुर रहमान लस्कर और सोनाई (ए.सी. 119) से शाहजहां लस्कर पर भरोसा जताया है.

कांग्रेस और बीजेपी के अलावा तीसरा विकल्प बनने की कोशिश में TMC
यह पहली सूची है, जिसमें पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों, खासकर ब्रह्मपुत्र घाटी, बोडोलैंड क्षेत्र और दक्षिणी असम (बराक घाटी), में मजबूत दावेदारी पेश की है. कई उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों और समुदायों के प्रतिनिधित्व पर फोकस करते दिख रहे हैं. असम TMC ने सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वे जनता की सेवा के लिए आगे बढ़ें. पार्टी का लक्ष्य असम में भाजपा और कांग्रेस के अलावा तीसरा विकल्प पेश करना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जातीय और भाषाई विविधता अधिक है.

(IANS के इनपुट्स के साथ)

AZMI DESK

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