आजमगढ़

Azamgarh news :म्यूल खाते खुलवाकर दूसरों के नाम से फर्जी खाते खुलवाकर झारखण्ड के फ्राडस्टरो को खाते देकर फ्राड राशि मंगाने वाला शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

आजमगढ़ ब्यूरो चीफ राकेश श्रीवास्तव
डॉ0 अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री चिराग जैन व अपर पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विवेक त्रिपाठी के कुशल पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन मे थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ की टीम को बड़ी सफलता प्राप्त हुई |
आज दिनांक 13.03.2026 को उ0नि0 कलाप कलाधर त्रिपाठी मय हमराह टीम के थाना हाजा से जांच प्रतिबिम्ब पोर्टल व म्यूल खाताधारकों की पहचान पतारसी मे रवाना होकर नरौली आजमगढ़ पुल के पास मौजूद था कि मुखबिर खास की सूचना कि एक व्यक्ति इन्डियन बैंक कलेक्ट्रेट के पास मौजूद है जो कि लोगो को झांसे मे लेकर फर्जी खाते खुलवाता है तथा साइबर फ्राड के पैसे भी मंगाता है को इन्डियन बैंक कलेक्ट्रेट के पास से गिरफ्तार किया गया है। व्यक्ति का नाम रितिक कुमार पुत्र शिवाधार राम निवासी 16 अनन्तपुरा थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ है। जिसके जामा तलाशी से एक अदद मोबाइल शाओमी रेडमी नोट 12 प्रो जिसमे सिम 7521865650 लगी हुई है तथा 2500 रू नगद व एक अदद आधार कार्ड, एक अदद पैन कार्ड व एक अदद एटीएम कार्ड DBS BANK का बरामद हुआ है । मोबाइल फोन के विश्लेषण व तकनीकी आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि काफी समय से अपने ऊपर के हेन्डलरों के सम्पर्क में है,और उनके माध्यम से साइबर फ्राड करने वाले लोगो से जुड़ा है तथा उनके निर्देशो के अनुसार साइबर फ्राड का काम करता है और जनता के लोगो को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने व कमीशन का लालच देकर खाते खुलवाता है तथा दुसरे की आईडी से फर्जी तरीके से सिम 9365745515 , 9235100412 लेकर उनके खातों में मोबाईल नम्बर लिंक कराकर खाते का संचालन स्वय करता है। फ्राड की धनराशि खाते में आने के बाद अपना कमीशन लेकर अपने हेन्डलरों के बताये खातों में खातों CDM मशीन से नगद जमा कर देता है। अपने फोन मे NAVI, JUPITER, DBS, PNB, SBI YONO, OMNI, JIO PAYMENT BANK, PHONPE, GOOGLE PAY, NSDL BANK, IPPB BANK मे कई लोगो के खातो को लिंक कराकर साईबर धोखाधडी करता है। प्राप्त 09 खातों पर 10 NCRP शिकायते भिन्न भिन्न राज्यो से होना पाया गया है। फर्द गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं 12/26 धारा 318(4),319(2),317(2) बीएनएस व 66 डी आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया ।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)-
अभियुक्त द्वारा बताया गया कि काफी समय से मो0नं0 7484832571 व 7047067572 व कई अन्य नम्बरो से जो कि मेरे ऊपर के हेन्डलरों का है, के माध्यम से साइबर फ्राड करने वाले लोगो से जुड़ा हुँ तथा उनके निर्देशो के अनुसार साइबर फ्राड का काम करता हुँ । जिसमे मै लोगो को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने व कमीशन का लालच देकर खाते खुलवाता हुँ तथा दुसरे की आईडी से फर्जी तरीके से सिम 9365745515 , 9235100412 लिया हुँ । जिनका उपयोग करके लोगो के खातो से लिंक किया हुँ तथा संचालन भी मै ही करता हुँ । अपने फोन मे NAVI, JUPITER, DBS, PNB, SBI YONO, OMNI, JIO PAYMENT BANK, PHONPE, GOOGLE PAY, NSDL BANK, IPPB BANK मे कई लोगो के खातो को लिंक कर लेता हुँ तथा मेरे मोबाइल मे जो सिम लगी है उसमे से 7521865650 मेरी है तथा दुसरी सिम 9365745515 दुसरे की आईडी से फर्जी तरीके से लिया हुँ । इन खातो मे साइबर फ्राड की जो भी रकम मेरे हेन्डलरो के माध्यम से लोगो से धोखाधड़ी करके आती है उसमे से दस प्रतिशत धनराशि मुझे लाभ के रूप मे मिलती है उसे लेकर बाकी पैसे मै नगद निकालकर उनके बताये हुए खातों CDM मशीन से नगद जमा कर देता हुँ । हेन्डलरों का नाम मै नही जानता हुँ । वे लोग झारखण्ड के रहने वाले हैं। टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मिले थे ।

AZMI DESK

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