बैलगाड़ियों पर निकली बारात, बुंदेलखंड की परंपरा को जीवित रखने की पहल की हो रही चर्चा

आधुनिक शादियों में लग्जरी गाड़ियों और भव्य इंतजामों के बीच उत्तर प्रदेश हमीरपुर जिले की एक बारात अपनी सादगी और परंपरागत अंदाज के कारण चर्चा का केंद्र बन गई. मौदहा क्षेत्र के गुड़ा गांव से दूल्हे की बारात 25 बैलगाड़ियों के साथ निकाली गई, जिसमें करीब 200 बाराती शामिल हुए. रास्ते भर ग्रामीण इस अनोखी बारात को देखने के लिए जुटे रहे.
इस संबंध में दूल्हे के पिता जागेंद्र द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आजकल शादियों में दिखावा बढ़ता जा रहा है, लेकिन उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति को प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि किसान परिवार होने के कारण बैल और खेती उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए बेटे की बारात भी पारंपरिक तरीके से निकालने का निर्णय लिया गया. उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना है.
‘विवाह केवल रस्म नहीं, बल्कि परंपरा’
इस अनोखी बारात के संबंध में दुल्हन पक्ष की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है. दुल्हन के पिता विवेक पाठक ने कहा कि विवाह केवल एक रस्म नहीं बल्कि संस्कार है. बुंदेलखंड की पुरानी परंपराओं के अनुसार मेहमानों का स्वागत किया गया और सभी को बैठाकर भोजन कराया गया, जिससे आपसी अपनापन बना रहता है और अनावश्यक दिखावे से भी बचाव होता है.
अनोखी बारात की हो रही चर्चा
दूल्हा मोहित द्विवेदी, जो गुड़ा गांव का निवासी है, मोबाइल से संबंधित सामान की दुकान संचालित करता है और परिवार के साथ खेती-किसानी के कार्यों में भी सहयोग करता है. पारंपरिक अंदाज में निकली यह बारात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और ग्रामीण संस्कृति की झलक पेश कर रही है.
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से आई अनोखी बारात की इन तस्वीरों ने पुरानी परंपराओं को जीवित करने का काम किया है, इस बारात से जुड़ी कई तस्वीरें भी सामने आई हैं. फिलहाल इस अनोखी शादी की चर्चा अब चारों तरफ हो रही है.
Input By : अरुण श्रीवास्तव



