उत्तराखंड विधानसभा 2027: लगातार तीसरी बार जीत के लिए BJP का नया फार्मूला, इस रणनीति से सरकार बचाने की प्लानिंग

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार संगठनात्मक स्तर पर व्यापक और आक्रामक रणनीति अपनाई है. लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर बीजेपी ने पहली बार मंडल स्तर तक बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है. इसके तहत प्रदेश के 304 मंडलों में कार्यकर्ताओं को सात प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा.
यह प्रशिक्षण ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है. मंडल स्तर के प्रशिक्षण में बूथ प्रबंधन, संगठन की कार्य पद्धति, कार्य विस्तार, वैचारिक अधिष्ठान, संवाद कौशल और चुनावी रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. विशेष बात यह है कि इस प्रशिक्षण में एक रात्रि प्रवास भी रखा गया है, ताकि कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और टीम भावना विकसित हो सके.
10 से अधिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे
बीजेपी की रणनीति केवल मंडल स्तर तक सीमित नहीं है. जिला स्तर पर 10 से अधिक विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें दो रात्रि प्रवास शामिल होंगे. वहीं प्रदेश स्तर पर इससे भी विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे, जिनमें तीन रात्रि प्रवास का प्रावधान किया गया है. पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है-हर बूथ पर संगठन को मजबूत करना और प्रत्येक मतदाता तक सीधा संपर्क स्थापित करना.
बाहर से आए नेताओं-कार्यकर्ताओं के लिए भी शिविर
बीजेपी ने उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी विशेष योजना बनाई है जो अन्य दलों से पार्टी में शामिल हुए हैं. ऐसे सभी लोगों के लिए अलग से प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उन्हें संगठन की विचारधारा, कार्यसंस्कृति और चुनावी रणनीति से परिचित कराया जाएगा. पार्टी का मानना है कि यदि नए कार्यकर्ता संगठनात्मक ढांचे को अच्छी तरह समझेंगे, तो वे चुनाव में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे.
बूथ स्तर तक संगठन होगा मजबूत
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत सुनिश्चित करने के लिए पहली बार मंडल स्तर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर आयोजित इन प्रशिक्षण सत्रों से कार्यकर्ताओं की पकड़ बूथ स्तर तक मजबूत होगी और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेंगी. स्पष्ट है कि बीजेपी संगठनात्मक मजबूती को चुनावी सफलता की कुंजी मानते हुए जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारी में जुट गई है.



