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विदर्भ-मराठवाड़ा में फसलें तबाह, शरद पवार गुट ने सरकार को मुआवजे पर घेरा, कहा- ‘तत्काल…’

महाराष्ट्र में कई जिलों में बिना मौसम बरसात के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है. विदर्भ-मराठवाड़ा में किसानों की खड़ी फसलें तबाह हो गईं. इस बीच शरद पवार गुट ने मुआवजे को लेकर सरकार को घेरा है. 

शरद गुट के नेता शशिकांत शिंदे ने सरकार से कहा कि हाल ही में हुए नुकसान की तत्काल भरपाई की जाए. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण विदर्भ और मराठवाड़ा में किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इससे पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी और किसानों की फसलें बर्बाद हुई थीं. 

शशिकांत शिंदे ने सरकार पर साधा निशाना

सरकार कहती है कि मुआवजा दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई किसान अभी भी परेशान हैं. हम इस मुद्दे को विधानसभा अधिवेशन में जोरदार तरीके से उठाएंगे और सरकार से मांग करेंगे कि हाल ही में हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया जाए.

महाराष्ट्र में नेता प्रतिपक्ष के खाली पद पर क्या कहा?

महाराष्ट्र के दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष के पद खाली हैं. इस मुद्दे पर शशिकांत शिंदे ने कहा कि अगर देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था सही तरीके से चल रही होती तो सरकार विपक्ष से डरती नहीं. उन्होंने आगे कहा कि संख्या कम होने के बावजूद भी विपक्ष सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता है. साथ ही उसकी जवाबदेही तय करने की कोशिश करता है, लेकिन सरकार की कोशिश है कि विपक्ष की आवाजको दबाया जाए. यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

किरीट सौमेया के मालेगांव दौरे विवाद पर दी प्रतिक्रिया

किरीट सौमेया के मालेगांव दौरे विवाद पर कहा कि मालेगांव जाने वालों को किसके आदेश पर जाने दिया गया यह स्पष्ट होना चाहिए. अगर कोई आम कार्यकर्ता या विपक्ष का नेता ऐसा करता तो पुलिस उसे रोक देती. उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में जिस तरह जाति और धर्म के नाम पर माहौल बनाया जा रहा है, वह गलत है. अगर कोई भी नेता कानून-व्यवस्था को चुनौती देता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर क्या कहा?

बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर शशिकांत शिंदे ने कहा कि मुंबई और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है. किसी राजनीतिक पार्टी को अपने स्तर पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. 

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई पार्टी या नेता इस मुद्दे पर राजनीतिक एजेंडा चलाता है, तो यह गलत है. हमारे कार्यकाल में अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई होती थी. अब भी कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाने चाहिए. 

AZMI DESK

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